घर में सूपड़ा साफ होना बीजीटी की हार से भी बड़ी असफलता: युवराज

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 07 Jan 2025 09:38 PM
घर में सूपड़ा साफ होना बीजीटी की हार से भी बड़ी असफलता: युवराज
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दुबई. विश्व कप विजेता पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह का मानना है कि न्यूजीलैंड के हाथों घरेलू मैदान पर सूपड़ा साफ होना भारतीय टीम के लिए बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की हार से भी बड़ी असफलता है. भारत को पिछले कुछ महीनों में टेस्ट क्रिकेट में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है. उसे घरेलू मैदान पर कमजोर न्यूजीलैंड से 0-3 से हार का सामना करना पड़ा, जो टीम के टेस्ट इतिहास में पहली बार हुआ था. इसके बाद उसे पांच मैच की बॉर्डर गावस्कर श्रृंखला में ऑस्ट्रेलिया से उसकी धरती पर 1-3 से हार का सामना करना पड़ा.

इन दोनों पराजय के लिए काफी हद तक टीम की बल्लेबाजी विशेषकर कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली का खराब प्रदर्शन जिम्मेदार रहा. युवराज ने पीटीआई वीडियो से कहा, ”मुझे लगता है कि न्यूजीलैंड से हारना अधिक पीड़ादायक है. क्योंकि वे घरेलू मैदान पर 3-0 से हार गए. आप जानते हैं, यह स्वीकार्य नहीं है. इसे (बीजीटी हारना) तब भी स्वीकार किया जा सकता है क्योंकि आप ऑस्ट्रेलिया में दो बार इस जीत चुके हैं और इस बार आपको हार का सामना करना पड़ा.”

भारत की 2011 विश्व कप जीत के नायक 43 वर्षीय युवराज ने कहा, ”’मेरा मानना है कि ऑस्ट्रेलिया पिछले कई वर्षों से बेहद मजबूत टीम रही है.” ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोहली ने एक शतक लगाया लेकिन वह लगातार ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंद पर आउट हुए. दूसरी तरफ रोहित शर्मा पांच पारियों में केवल 31 रन बना पाए और इसलिए उन्होंने सिडनी में खेले गए पांचवें और अंतिम टेस्ट मैच में नहीं खेलने का फैसला किया. लेकिन युवराज ने कहा कि दोनों खिलाड़ियों की पिछली उपलब्धियों को देखते हुए उनकी आलोचना करना अनुचित है.

उन्होंने कहा, ”हम अपने दिग्गज खिलाड़ियों विराट कोहली और रोहित शर्मा के बारे में बात कर रहे हैं, हम उनके बारे में बहुत बुरी बातें कह रहे हैं.” युवराज ने कहा, ”लोग भूल जाते हैं कि उन्होंने अतीत में क्या हासिल किया है. वे इस समय के महानतम क्रिकेटरों में से एक हैं. ठीक है, वे हार गए, उन्होंने अच्छी क्रिकेट नहीं खेली. वे हमसे भी ज्यादा दुखी हैं.” युवराज ने कहा कि उन्हें न केवल रोहित और कोहली बल्कि नए मुख्य कोच गौतम गंभीर पर भी पूरा भरोसा है, जो उनके पूर्व साथी भी थे.

उन्होंने कहा, ”मुझे लगता है कि कोच के रूप में गौतम गंभीर, चयनकर्ता के रूप में अजीत अगरकर तथा रोहित शर्मा, विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह के रूप में भारतीय टीम के पास अभी क्रिकेट की अच्छी जानकारी रखने वाले सबसे अच्छे दिमाग हैं. उन्हें यह तय करना होगा कि भविष्य में भारतीय क्रिकेट के लिए सही रास्ता क्या है.” इस आक्रामक बल्लेबाज में रोहित के सिडनी टेस्ट से बाहर रहने के फैसले की भी सराहना की.

उन्होंने कहा, ” मुझे लगता है कि यह बड़ी बात है. मैंने पहले कभी नहीं देखा कि कप्तान का फॉर्म अच्छा नहीं चल रहा हो और वह खुद बाहर बैठ गया हो. यह रोहित शर्मा की महानता है कि उन्होंने टीम को खुद से आगे रखा.” युवराज ने कहा, ”मुझे लगता है कि वह एक महान कप्तान हैं. चाहे जीतें या हारें, वह हमेशा एक महान कप्तान रहेंगे. उनकी कप्तानी में हमने (वनडे) विश्व कप फाइनल खेला है. हमने टी20 विश्व कप जीता है. हमने बहुत कुछ हासिल किया है.” उन्होंने आलोचकों से टीम के प्रदर्शन का विश्लेषण करते समय संयम बरतने का आग्रह किया.

भारत की तरफ से 304 वनडे, 40 टेस्ट और 58 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले युवराज ने कहा, ”मैं अपनी राय दे सकता हूं और मेरी राय यह है कि जब खिलाड़ी प्रदर्शन नहीं कर रहे होते हैं तो उनके बारे में बुरा कहना आसान है. लेकिन उनका समर्थन करना बहुत मुश्किल है. मीडिया का काम उनके बारे में बुरा कहना है. मेरा काम समर्थन करना है.”

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