राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा ने आज कहा कि नक्सलवाद खत्म होने के बाद अब वीआईपीज की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि बस्तर संभाग के भाजपा और कांग्रेस से जुड़े 116 नेताओं की सुरक्षा श्रेणी कम करने की तैयारी है। इनमें कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा और कवासी लखमा सहित कई प्रमुख राजनीतिक चेहरे शामिल हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, नौ नेताओं की सुरक्षा Z+ से घटाकर Z श्रेणी में की जाएगी, जबकि अन्य नेताओं की सुरक्षा में भी बदलाव प्रस्तावित है। इस संबंध में गृह विभाग की ओर से जल्द औपचारिक आदेश जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने राज्य में नक्सलवाद से जुड़े सुरक्षा हालात में आए बदलाव के बीच नेताओं की विशेष सुरक्षा की आवश्यकता पर बात की है। उनके बयान का आशय यह है कि परिस्थितियां सामान्य होने पर जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा होनी चाहिए।
नेताओं को लोकसेवक बताते हुए उन्होंने विशेष सुरक्षा की आवश्यकता का नए सिरे से आकलन करने पर जोर दिया। राज्य सरकार के इस कदम को वीआईपी सुरक्षा में तैनात पुलिस बल और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार बस्तर के नौ प्रमुख नेताओं की सुरक्षा Z+ से Z श्रेणी में किए जाने की तैयारी है। इनमें छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व मंत्री कवासी लखमा के नाम शामिल हैं। इसके अलावा कर्मा परिवार को उपलब्ध Z+ सुरक्षा भी Z श्रेणी में किए जाने की जानकारी सामने आई है।
बस्तर के सांसदों, विधायकों और पूर्व मंत्रियों सहित अन्य राजनीतिक पदाधिकारियों की सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव प्रस्तावित है। कुछ नेताओं की सुरक्षा Z से घटाकर Y श्रेणी में किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, सभी 116 नेताओं की विस्तृत आधिकारिक सूची और व्यक्तिगत सुरक्षा श्रेणियों की अंतिम पुष्टि गृह विभाग के आदेश से होगी।