उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को छत्तीसगढ़ सरकार को यह छूट दी कि यदि भ्रष्टाचार के मामलों में सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को मिली जमानत का ”दुरुपयोग” होता है, तो वह उनकी जमानत रद्द कराने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकती है।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी मोहना की खंडपीठ ने राज्य सरकार को यह छूट दी।
हालांकि खंडपीठ ने राज्य सरकार की उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें छत्तीसगढ़ कैडर के इन आईएएस अधिकारी को नए भ्रष्टाचार मामलों में उच्च न्यायालय द्वारा दी गई जमानत को चुनौती दी गई थी।
छत्तीसगढ़ की पिछली भूपेश बघेल सरकार में अहम पदों पर रहे टुटेजा कई भ्रष्टाचार मामलों में जांच का सामना कर रहे हैं। इनमें शराब घोटाला, जिला खनिज निधि (डीएमएफ) में कथित अनियमितताएं और कोयला लेवी घोटाला शामिल हैं। उच्चतम न्यायालय ने छत्तीसगढ़ सरकार की अपील का निपटारा करते हुए यह स्पष्ट किया कि जमानत देते समय उच्च न्यायालय द्वारा की टिप्पणियों का मुकदमे पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ”अगर जमानत का कोई दुरुपयोग होता है, तो राज्य उसे रद्द कराने के लिए उच्च न्यायालय जा सकता है… हम आपकी बात से सहमत हैं। इस बात का प्रबल संदेह है कि वे भ्रष्टाचार में शामिल हैं। लेकिन इस संदेह को पुख्ता सबूतों से साबित करना होगा।” खंडपीठ ने कहा, ”हमने छत्तीसगढ़ सरकार के स्थायी वकील को काफी विस्तार से सुना है। उच्च न्यायालय के निष्कर्ष केवल जमानत देने के सीमित उद्देश्य के लिए हैं। अधीनस्थ अदालत इन टिप्पणियों से प्रभावित नहीं होगी।” शीर्ष अदालत ने कहा कि जमानत देने वाले जिन आदेशों को चुनौती दी गई है, वे दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में पारित किए गए थे।
उच्चतम न्यायालय ने कहा कि यदि जमानत की इस सुविधा का कोई दुरुपयोग होता है, तो इसे उच्च न्यायालय के संज्ञान में लाया जा सकता है ताकि जमानत रद्द की जा सके। हाल ही में, छत्तीसगढ़ की आर्थिक अपराध शाखा/भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने कथित शराब घोटाले में अपना 10वां पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है। इसमें प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल समेत 20 लोगों और 22 फर्म को आरोपी बनाया गया है। उच्चतम न्यायालय ने 18 मई को टुटेजा को जिला खनिज निधि में कथित अनियमितताओं से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में जमानत दे दी थी। जमानत मिलने से पहले, टुटेजा भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों के चलते 24 जनवरी 2024 से जेल में थे।