संभाजीनगर. महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग के बीच, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने 18वीं सदी के इस मकबरे के दो तरफ टिन की चादरें लगा दी हैं. जिलाधिकारी दिलीप स्वामी और पुलिस अधीक्षक विनयकुमार राठौड़ ने दो दिन पहले एएसआई अधिकारियों के साथ खुल्दाबाद स्थित मकबरे का दौरा किया था, तभी यह निर्णय लिया गया.
स्थानीय अधिकारी ने बताया कि बुधवार रात मकबरे के दो तरफ टिन की चादरें लगा दी गईं और दो तरफ से बाड़बंदी भी की गई.
जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मकबरे के चारों ओर बाड़ लगाई जाएगी. उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”मकबरे के दोनों तरफ की हरे रंग की जाली जर्जर हालत में थी और पास में स्थित ख्वाजा सैयद जैनुद्दीन चिश्ती की मजार तक जाने वाले रास्ते से भी यह ढांचा दिखाई पड़ता है. इसलिए, हमने टिन की चादरें लगाई हैं.”
औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के विरोध प्रदर्शन के कारण सोमवार को नागपुर में हिंसा भड़क गई थी. छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन पर आधारित फिल्म ”छावा” की रिलीज के बाद से 17वीं सदी का मुगल बादशाह चर्चा में है. संभाजी महाराज मराठा क्षेत्र के ऐसे दूसरे शासक थे, जिन्हें औरंगजेब के आदेश पर क्रूर तरीके से मौत के घाट उतार दिया गया था.