द्रमुक की परिसीमन बैठक अपनी ‘अक्षमताओं’ को छिपाने के लिए एक ”बड़ा नाटक” है : अन्नाद्रमुक

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 23 Mar 2025 09:15 PM
द्रमुक की परिसीमन बैठक अपनी ‘अक्षमताओं’ को छिपाने के लिए एक ”बड़ा नाटक” है : अन्नाद्रमुक
ऑडियो सुनें

चेन्नई. तमिलनाडु की प्रमुख विपक्षी दल अन्नाद्रमुक ने संसदीय परिसीमन पर बैठक को लेकर रविवार को अपने चिर प्रतिद्वंद्वी एवं प्रदेश में सत्तारूढ़ दल द्रमुक पर निशाना साधा तथा इसे अपनी ”अक्षमताओं” को छिपाने के लिए एक ”बड़ा नाटक” करार दिया. तमिलनाडु की प्रमुख विपक्षी पार्टी अन्नाद्रमुक ने रविवार को सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) पर संसदीय परिसीमन को लेकर आयोजित बैठक के लिए तीखा हमला बोला.

अन्नाद्रमुक ने इसे ”बड़ा नाटक” करार दिया और आरोप लगाया कि द्रमुक अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए यह दिखावा कर रही है. अन्नाद्रमुक के प्रवक्ता कोवई सत्यन ने कहा कि मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन की अध्यक्षता में हुई संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) की बैठक में केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी समेत अन्य नेता शामिल हुए थे. उन्होंने कहा, ”यह बैठक एक सुनियोजित नाटक जैसी प्रतीत होती है.” उन्होंने कहा कि स्टालिन द्वारा भेजे गए निमंत्रण पत्र में लिखा था कि वह परिसीमन के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन यह तमिलनाडु के सांसदों की संख्या को कम कर देगा.

उन्होंने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, “दूसरी ओर, तमिलनाडु में हर जगह द्रमुक यह कहने की कोशिश कर रही है कि परिसीमन की प्रक्रिया ही गलत है. तो सच क्या है? स्टालिन परिसीमन नहीं चाहते, या फिर अगर परिसीमन होता है तो समाधान क्या होगा?” सत्यन ने कहा, “हम अन्नाद्रमुक की ओर से प्रस्ताव रखते हैं कि सांसदों के संदर्भ में तमिलनाडु के पास जो वर्तमान में 7.18 प्रतिशत का अनुपात है, वह नहीं बदला जाना चाहिए. लेकिन, द्रमुक ने इसे जानबूझकर अपनी प्रस्तावित सर्वदलीय बैठक के प्रस्ताव में शामिल नहीं किया.”

उन्होंने कहा, “यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि द्रमुक तमिलनाडु में परिसीमन के मुद्दे को वर्ष 2026 के विधानसभा चुनावों तक ले जाना चाहती है ताकि वह अपनी नाकामियों और भ्रष्टाचार में डूबी सरकार की असफलताओं को छिपा सके.” उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पूरी तरह चरमरा गई है.

स्टालिन का दावा है कि जनसंख्या के आधार पर परिसीमन से दक्षिण भारतीय राज्यों में लोकसभा सीट घट जाएगी. शनिवार को हुई बैठक में परिसीमन पर रोक को 25 साल और बढ़ाने का आग्रह किया गया था. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहले कहा था कि आनुपातिक आधार पर किए गए परिसीमन से दक्षिण भारतीय राज्यों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu