कोलकाता. पश्चिम बंगाल पुलिस ने बृहस्पतिवार को राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि दक्षिण 24 परगना के बरुईपुर में दो कश्मीरी संदिग्ध गतिविधियों में शामिल थे. पुलिस ने स्पष्ट किया कि संबंधित व्यक्ति मध्यप्रदेश के इंजीनियर हैं, जो राज्य में व्यवसाय के अवसर तलाश रहे हैं.
बरुईपुर पुलिस जिला ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि दो व्यक्तियों – एक हिंदू और एक मुस्लिम – ने बरुईपुर में किराए के अपने फ्लैट की छत पर वायरलेस नेटवर्क प्रणाली स्थापित की थी. उसने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता अधिकारी द्वारा जाहिर किये गए संदेह को भी सिरे से खारिज कर दिया.
बरुईपुर पुलिस ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा, ”मध्यप्रदेश के रहने वाले दो व्यक्तियों में से एक हिंदू और दूसरा मुस्लिम है. उन्होंने करीब तीन सप्ताह पहले बरुईपुर में एक फ्लैट किराए पर लिया था. पेशे से इंजीनियर, वे एक स्थानीय मित्र के माध्यम से पश्चिम बंगाल में मछली पालन में व्यावसायिक अवसरों की तलाश कर रहे थे. उनके फ्लैट में एक साधारण जियोफाइबर नेटवर्क है, इसमें कुछ भी संदिग्ध नहीं है.” पुलिस का स्पष्टीकरण तब आया जब शुभेंदु ने ‘एक्स’ पर एक वायरलेस नेटवर्क प्रणाली के डिस्क की तस्वीर साझा की और आरोप लगाया कि कश्मीर के दो व्यक्ति बरुईपुर में रह रहे हैं और ‘संदिग्ध’ गतिविधियों में संलिप्त हैं.
उन्होंने प्रकरण की राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से जांच कराने की मांग की.