मुंबई/नयी दिल्ली. मुंबई में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्यालय में लगी आग को लेकर सोमवार को राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया कि एक भी कागज नहीं जला, जबकि राकांपा (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने आग बुझाने में ‘देरी’ पर सवाल उठाए.
फडणवीस ने संवाददाताओं से कहा, ”मैंने ईडी अधिकारियों से बात की है. ईडी (कार्यालय) में प्रत्येक कागज सुरक्षित है. वहां कागजों की मिरर इमेजिंग और भंडारण की व्यवस्था है.” उन्होंने कहा, ”आग के कारण कोई मामला (जारी जांच) प्रभावित नहीं हुआ है.” पत्रकारों से बात करते हुए राकांपा (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, ”क्या इतनी महत्वपूर्ण इमारत का कोई अग्नि संबंधी अंकेक्षण नहीं हुआ था? क्या वहां फाइलों का बैकअप था? दुनिया डिजिटल हो गई है. जली हुई फाइलों का बैकअप जरूर होगा. अगर यह बैकअप नहीं है, तो यह चौंकाने वाला है.” सुले ने ईडी कार्यालय में लगी आग को गंभीर मुद्दा बताया और दमकल विभाग द्वारा आग बुझाने में की गई देरी पर सवाल उठाया.
रविवार की सुबह दक्षिण मुंबई में केंद्रीय एजेंसी के कार्यालय में भीषण आग लग गई. हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि 12 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया, जिसमें दस्तावेज और उपकरण जल गए या क्षतिग्रस्त हो गए.
सुले ने कहा, ”ईडी कार्यालय में आग लगना एक गंभीर मुद्दा है. यह इलाका भीड़भाड़ वाला नहीं है. जहां पार्किंग या भीड़भाड़ नहीं है, वहां दमकल की गाड़ी किस समय घटनास्थल पर पहुंची? आग को 10 से 15 मिनट में बुझा दिया जाना चाहिए था.” उन्होंने इमारत में अग्नि सुरक्षा मानदंडों पर सवाल उठाए और पूछा कि क्या इमारत में अग्नि ऑडिट किया गया था? महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दावा किया कि एजेंसी ने अपना खुद का कार्यालय जला दिया. हालांकि, उन्होंने इस दावे के समर्थन में कुछ नहीं कहा.
सपकाल ने कहा, “राजनीतिक दलबदल सुनिश्चित करने के लिए ईडी का दुरुपयोग किया गया. इस आग के बाद, अब वे यह दावा करने के लिए स्वतंत्र हैं कि उन व्यक्तियों के खिलाफ कोई सबूत नहीं है.”
आग में फाइलें जल गईं, लेकिन डिजिटल रिकॉर्ड से जांच जारी रखने में मदद मिलेगी : ईडी
प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को कहा कि मुंबई में उसके एक कार्यालय में लगी आग में कुछ दस्तावेज और फर्नीचर जल गया है, लेकिन जांच या सुनवाई में ‘कोई बाधा’ आने की उम्मीद नहीं है, क्योंकि फाइलें डिजिटल रूप से भी संग्रहीत हैं. संघीय एजेंसी ने रविवार को लगभग 2:25 बजे बैलार्ड एस्टेट में कैसर-ए-हिंद इमारत में स्थित मुंबई जोनल ऑफिस-1 की चौथी मंजिल पर लगी आग पर एक बयान जारी किया.
एजेंसी ने कहा कि प्रथम दृष्टया आग का कारण चौथी मंजिल पर बिजली के बक्सों में शॉर्ट-र्सिकट लग रहा है. एजेंसी ने कहा कि हालांकि वास्तविक नुकसान का आकलन किया जा रहा है, लेकिन प्रारंभिक आकलन से पता चलता है कि आग की घटना में कुछ कागजात/दस्तावेज और फर्नीचर आदि जल गया. उन्होंने कहा कि जांच से संबंधित साक्ष्य दस्तावेज और अन्य दस्तावेज हमेशा डिजिटल रिकॉर्ड के रूप में संग्रहीत किए जाते हैं. इसके साथ ही ये केंद्रीकृत रिकॉर्ड रखने की प्रणाली में भी संग्रहीत किए जाते हैं.
बयान में कहा गया है, ”जिन मामलों में अभियोजन पक्ष की शिकायतें दर्ज की गई हैं, उनके मूल रिकॉर्ड संबंधित अदालतों के पास उपलब्ध हैं.” इसलिए, धन शोधन निरोधक कानून, विदेशी मुद्रा उल्लंघन और भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत मामलों की जांच करने वाली एजेंसी के अनुसार, जांच या परीक्षण करने में कोई व्यवधान होने की उम्मीद नहीं है. ईडी ने कहा कि कैसर-ए-हिंद भवन के भूतल और पहली मंजिल पर स्थित कार्यालय ‘चालू’ हैं और आग से प्रभावित चौथी मंजिल पर स्थित कार्यालय का हिस्सा स्थानांतरित कर दिया गया है और अब जन्मभूमि चैंबर्स स्थित पुराने क्षेत्रीय कार्यालय से संचालित हो रहा है .
जांच एजेंसी ने कहा कि आग को सबसे पहले कार्यालय में तैनात कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों ने देखा, जिन्होंने इमारत में तैनात रात्रि ड्यूटी राज्य पुलिस र्किमयों को सूचित किया. पुलिस ने करीब 2:30 बजे दमकल विभाग को सूचना दी, जिसने 50 से अधिक र्किमयों और कई दमकल गाड़ियों के साथ करीब 3:30 बजे आग बुझाने का काम शुरू किया.
ईडी ने कहा कि वह मुंबई में अपने लिए ‘स्वतंत्र’ कार्यालय स्थान स्थापित करने की प्रक्रिया में है, क्योंकि महाराष्ट्र सरकार ने मार्च में एजेंसी को मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में जमीन आवंटित की है. जांच एजेंसी ने कहा कि जल्द से जल्द स्वतंत्र कार्यालय बनाने के लिए प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं को पूरा किया जा रहा है.