चंडीगढ़. अनजाने में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने के बाद पाकिस्तान रेंजर्स द्वारा हिरासत में लिए गए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान पूर्णम साहू की पत्नी पश्चिम बंगाल के हुगली से सोमवार शाम चंडीगढ़ हवाई अड्डे पहुंच गईं. साहू की पत्नी रजनी गर्भवती हैं और वह अपने बेटे व कुछ रिश्तेदारों के साथ हवाई अड्डे पहुंची. रजनी अपने पति को वापस लाने के प्रयासों के बारे में बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों से जानकारी जुटाने के लिए पंजाब के फिरोजपुर जाएंगी.
कांस्टेबल साहू को पाकिस्तान रेंजर्स ने 23 अप्रैल को पंजाब के फिरोजपुर जिले के एक खेत से पकड़ा था. बीएसएफ अधिकारियों के अनुसार, यह घटना उस वक्त हुई जब साहू सीमा के पास किसानों के एक समूह की रक्षा के लिए उनके साथ थे. उन्होंने बताया कि साहू एक पेड़ के नीचे आराम करने के लिए चले गए और अनजाने में पाकिस्तानी क्षेत्र में प्रवेश कर गए, जिसके बाद उन्हें पाकिस्तान रेंजर्स ने तुरंत हिरासत में ले लिया. साहू पंजाब में फिरोजपुर सीमा पर बीएसएफ की 182वीं बटालियन में तैनात थे.
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद दोनों देशों के बीच संबंध खराब हो गए हैं. इस आतंकी कृत्य में 26 लोगों की मौत हो गई थी. इससे पहले, पश्चिम बंगाल में रजनी ने कहा था कि यदि बीएसएफ शिविर के अधिकारियों से बातचीत के दौरान उन्हें कोई संतोषजनक जानकारी नहीं मिली तो वह केंद्रीय गृह मंत्रालय और अन्य सरकारी अधिकारियों से मुलाकात करने के लिए फिरोजपुर से दिल्ली जाएंगी.
रजनी ने कहा, ”मैं आपको बता नहीं सकती कि मैं कितने तनाव में हूं, क्योंकि बीएसएफ अधिकारी मुझे केवल चिंता न करने के लिए कह रहे हैं. मैं बहुत चिंतित हूं, इसलिए मैंने मेरी इस स्थिति के बावजूद यात्रा की योजना बनाई.” साहू पश्चिम बंगाल में हुगली जिले के रिसड़ा के निवासी हैं.
साहू की पत्नी रजनी ने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा था, ”मैं यह खबर सुनने के बाद से बहुत तनाव में हूं. आज पांचवां दिन है और उनके लौटने के बारे में कोई जानकारी नहीं है.” रजनी ने पहले रविवार शाम को अमृतसर मेल से जाने योजना बनाई थी जो हावड़ा से पठानकोट होते हुए फिरोजपुर जाती है, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिल सका था.
पश्चिम बंगाल के हुगली निवासी साहू के माता-पिता ने कहा कि वे केंद्र सरकार से अपने बेटे की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने की अपील करेंगे. साहू की मां ने कहा, ”मैं आपको बता नहीं सकती कि मैं कितनी परेशान हूं. मैं बीएसएफ अधिकारियों से अपने बेटे को वापस लाने की गुहार लगा रही हूं.” अधिकारियों ने बृहस्पतिवार रात बताया था कि साहू की रिहाई पर चर्चा के लिए भारतीय और पाकिस्तानी सीमा बलों ने ‘फ्लैग मीटिंग’ की, लेकिन उनके परिवार को कोई और जानकारी नहीं दी गई.