
पणजी. गोवा के राज्यपाल पी. एस. श्रीधरन पिल्लई ने रविवार को उत्तरी गोवा जिले के एक मंदिर में मची भगदड़ में मारे गए लोगों के परिवारों से मुलाकात करने के बाद कहा कि यह घटना ”मानवीय कल्पना से परे” है. पिल्लई ने कहा कि गोवावासियों को इस त्रासदी से प्रभावित लोगों की मदद के लिए एकजुट होना चाहिए. यहां से लगभग 40 किलोमीटर दूर शिरगांव के श्री लईराई देवी मंदिर में शनिवार तड़के भगदड़ की घटना में छह लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए.
पिल्लई ने रविवार को बिचोलिम और सत्तारी तहसीलों में मृतकों के परिवारों से मुलाकात की. उन्होंने सत्तारी में ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”गोवा के सभी लोगों को एकजुट होकर इन परिवारों की मदद करनी चाहिए. यह हमारे लिए सभी बातों से ऊपर उठकर राहत पहुंचाने का अवसर है.” उन्होंन कहा कि यह घटना ”हमारी मानवीय कल्पना से परे” थी. पिल्लई ने कहा कि घटना के समय वह केरल में थे. राज्यपाल ने बताया कि वह शनिवार को वापस लौटे और घायलों से मिलने गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल गए.
उन्होंने कहा, ”मुझसे पहले, संबंधित मंत्री और यहां तक ??कि मुख्यमंत्री और अन्य अधिकारी भी मरीजों से मिलने आए थे तथा उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया था.” उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकारें पीड़ितों की मदद की पूरी कोशिश कर रही हैं. उन्होंने कहा कि जिन लोगों की हालत नाजुक है, उन्हें सभी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं.
उन्होंने कहा, ”वे घायल मरीजों को बचाने की भरसक कोशिश कर रहे हैं.” राज्यपाल ने कहा कि गोवा में ऐसी घटना पहली बार हुई है. उन्होंने कहा, ”राज्य सरकार इस बात की जांच कर रही है कि आखिर हुआ क्या था. इस घटना के बारे में अलग-अलग बातें कही जा रही हैं.” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए 10 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा पहले ही कर दी है और ”अगर किसी और चीज की आवश्यकता हो तो वह भी किया जाएगा.” राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार और मंदिर समिति ने वह सब कुछ किया है जो मानवीय रूप से संभव था.
यह पूछे जाने पर कि क्या वह इस घटना पर राष्ट्रपति को एक विशेष रिपोर्ट सौंपेंगे, राज्यपाल ने कहा कि उनका कार्यालय आमतौर पर राष्ट्रपति भवन को एक साप्ताहिक या मासिक रिपोर्ट प्रस्तुत करता है. पिल्लई ने कहा, ”मैं इस घटना के बारे में कोई विशेष रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करूंगा, लेकिन मैं राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का आभारी हूं जिन्होंने तुरंत हस्तक्षेप किया और मौतों पर शोक व्यक्त किया तथा राज्य सरकार को निर्देश दिए.” उन्होंने कहा, ”आज मैंने मृतकों के परिवारों को प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की संवेदनाएं बताईं.”
सरकार ने राजस्व सचिव संदीप जैक्स की अध्यक्षता में एक तथ्यान्वेषी समिति का गठन किया है, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वर्षा शर्मा, राज्य परिवहन निदेशक परिमल अभिषेक और दक्षिण गोवा के पुलिस अधीक्षक टीकम सिंह वर्मा शामिल हैं.
इस समिति के मंगलवार तक रिपोर्ट सौंपने की संभावना है. भगदड़ मचने की घटना के कुछ ही घंटों के भीतर मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के नेतृत्व वाली सरकार ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी स्नेहा गिट्टे और पुलिस अधीक्षक अक्षत कौशल समेत वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर दिया था.
गोवा के लईराई देवी मंदिर की संकरी गलियों की वजह से हमेशा ‘भगदड़’ की आशंका रहती : अधिकारी
उत्तरी गोवा के जिस मंदिर में शनिवार को भगदड़ हुई और छह लोगों की जान चली गई, वहां पर ढलान वाला रास्ता है और यह दुर्घटना संभावित क्षेत्र है. इसी समारोह में पिछले साल भी मामूली स्तर पर ऐसी ही एक घटना हुई थी. एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि भगदड़ में गंभीर रूप से घायल लोगों की हालत स्थिर बनी हुई है.
उत्तरी गोवा जिले के शिरगांव स्थित श्री लईराई देवी मंदिर में अनुष्ठान जारी रहा और मंदिर समिति द्वारा लोगों से दूर रहने की अपील के बावजूद सैकड़ों श्रद्धालु पैदल ही मंदिर पहुंचे. मंदिर की ओर जाने वाली संकरी गलियों में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के आने से शनिवार सुबह भगदड़ मच गई थी. इस घटना में छह लोगों की मौत हो गई और करीब 70 लोग घायल हो गए. अधिकारी ने बताया कि सरकार द्वारा गठित तथ्यान्वेषी समिति ने कार्यक्रम में भीड़ प्रबंधन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के बयान दर्ज किए हैं.
सरकार ने राजस्व सचिव संदीप जैक्स की अध्यक्षता में एक तथ्यान्वेषी समिति का गठन किया है, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वर्षा शर्मा, राज्य परिवहन निदेशक परिमल अभिषेक और दक्षिण गोवा के पुलिस अधीक्षक टीकम सिंह वर्मा शामिल हैं. वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि भगदड़ एक ढलान पर मची, जो दुर्घटना संभावित क्षेत्र है और समिति घटना के पीछे की सटीक वजह का पता लगाने की कोशिश कर रही है.
उन्होंने कहा, ”हमें जानकारी मिली है कि पिछले साल भी मंदिर में उत्सव के दौरान इसी स्थान पर एक ऐसी ही घटना हुई थी, लेकिन यह घटना मामूली स्तर की थी.” अधिकारी ने कहा कि समिति इस बात की भी जांच करेगी कि इस प्रकार की घटना को रोकने के लिए सावधानी क्यों नहीं बरती गई.
उन्होंने कहा, ”समिति ने अपनी जांच शुरू कर दी है. इसने जिलाधिकारी स्नेहा गिट्टे, पुलिस अधीक्षक अक्षत कौशल, पुलिस उपाधीक्षक जिवबा दलवी, उपजिलाधिकारी भीमनाथ खोरजुवेकर, मंदिर समिति के सदस्यों और अन्य लोगों के बयान दर्ज किए हैं, ताकि यह पता लग सके कि उस दिन वास्तव में क्या हुआ था.” उन्होंने कहा, ”जानकारी जुटाने और रिपोर्ट दाखिल करने में कुछ दिन और लगेंगे.” अधिकारी ने कहा कि समिति इस बात की भी जांच कर रही है कि तीर्थयात्रियों के दो समूहों के बीच कथित तौर पर झगड़े के कारण भगदड़ मची.
उन्होंने कहा कि मंदिर की ओर जाने वाली गलियां संकरी होने के बावजूद मंदिर समिति ने रास्ते में दुकानें लगाने की अनुमति दे दी, जिससे इलाके में भीड़भाड़ और बढ़ गई. पुलिस महानिदेशक आलोक कुमार ने शनिवार को कहा था कि उत्सव में शामिल होने के लिए कम से कम 30,000 से 40,000 श्रद्धालु एकत्र हुए थे, जिनमें से कुछ एक ढलान पर खड़े थे. ढलान पर खड़े कुछ लोग गिर गए, जिससे अन्य लोग असंतुलित होकर एक-दूसरे पर गिर गए.
इस बीच, गोवा चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश पाटिल ने कहा कि भगदड़ में गंभीर रूप से घायल हुए पांच लोगों में से तीन की हालत में रविवार को सुधार देखने को मिला. उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि घटना के बाद कुल 14 मरीज अस्पताल में भर्ती कराए गए थे और अब तक केवल एक को छुट्टी दी गई है. डॉ. पाटिल ने बताया कि अहम बात यह है कि किसी भी गंभीर रूप से घायल मरीज की हालत खराब नहीं हुई है. गोवा के राज्यपाल पी. एस. श्रीधरन पिल्लई ने रविवार को उत्तरी गोवा जिले के एक मंदिर में मची भगदड़ में मारे गए लोगों के परिवारों से मुलाकात करने के बाद कहा कि यह घटना ”मानवीय कल्पना से परे” है. उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ितों की मदद के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है.
इस त्रासदी के बावजूद, रविवार को सैकड़ों श्रद्धालु कम से कम दो किलोमीटर पैदल चलकर गांव में एक अनुष्ठान में भाग लेने के लिए पहुंचे, जिसमें देवी (उनका विग्रह) स्थानीय निवासियों के घरों में जाती हैं. यह अनुष्ठान ”होमखंड” समारोह के एक दिन बाद मनाया जाता है, जिसके दौरान व्यापक स्तर पर अग्नि जलायी जाती है और श्रद्धालु अंगारों पर चलते हैं. श्री लईराई देवी मंदिर समिति के अध्यक्ष दीनानाथ गांवकर ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि ‘कौल’ अनुष्ठान को रोकना संभव नहीं है, जिस दौरान देवी को चार दिनों तक स्थानीय लोगों के घरों में ले जाया जाता है और उसके बाद देवी को फिर से मंदिर लाया जाता है.
उन्होंने कहा, ”शनिवार की घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी. इसमें कई जानें चली गईं, लेकिन हम अनुष्ठानों को रोक नहीं सकते.” गांवकर ने कहा कि मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से गांव में आने से परहेज करने की सार्वजनिक अपील की है. उन्होंने कहा, ”पुलिस ने वाहनों को इलाके में प्रवेश करने से रोकने के लिए शिरगाओ के रास्ते में असनोरा गांव में भी अवरोधक लगाये हैं.” उन्होंने कहा कि देवी में अपनी आस्था के कारण कई लोग अब भी पैदल ही अनुष्ठान के लिए पहुंचे हैं. हालांकि, मंदिर समिति की अपील के बावजूद, उत्सव के लिए लगाये गए स्टॉल काम करते रहे. स्थानीय लोगों में से एक ने कहा, ”आप लोगों को उत्सव में शामिल होने से नहीं रोक सकते. देवी लईराई के श्रद्धालु गोवा, महाराष्ट्र और कर्नाटक में फैले हुए हैं.”
यह घटना मानवीय कल्पना के परे है: गोवा के राज्यपाल ने मंदिर में भगदड़ को लेकर कहा
गोवा के राज्यपाल पी. एस. श्रीधरन पिल्लई ने रविवार को उत्तरी गोवा जिले के एक मंदिर में मची भगदड़ में मारे गए लोगों के परिवारों से मुलाकात करने के बाद कहा कि यह घटना ”मानवीय कल्पना से परे” है. उन्होंने सत्तारी में ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि यह घटना ”हमारी मानवीय कल्पना से परे” थी. उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकारें पीड़ितों की मदद की पूरी कोशिश कर रही हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए 10 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा पहले ही कर दी है और ”अगर किसी और चीज की आवश्यकता हो तो वह भी किया जाएगा.” राज्यपाल ने कहा कि सरकार घायलों को पर्याप्त चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराकर उनके साथ न्याय कर सकती है.
हादसे के अगले दिन मंदिर में कांग्रेस सांसद को सम्मानित किया गया, भाजपा ने की आलोचना
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को दक्षिण गोवा से कांग्रेस सांसद विरिएटो फर्नांडीस को शिरगांव स्थित उस मंदिर में सम्मानित किए जाने को लेकर सांसद की आलोचना की है, जहां एक दिन पहले ही भगदड़ में छह लोगों की मौत हो गई थी. भाजपा ने सम्मान को स्वीकार करने के लिए सांसद की निंदा की. फर्नांडीस ने श्री लईराई देवी मंदिर का दौरा किया और मंदिर समिति ने उन्हें शॉल और फूल भेंट करके सम्मानित किया. सम्मान का एक वीडियो वायरल हुआ है.
भाजपा प्रवक्ता गिरिराज वाई वर्नेकर ने कहा कि जब गोवा में लोगों की दुखद मौत पर शोक मनाया जा रहा है, जब फर्नांडीस को ”खुद को सम्मानित किए जाने पर कोई शर्म नहीं आई.” भाजपा नेता ने पूछा, ”आखिर किस उपलब्धि के लिए?” वर्नेकर ने बताया कि शनिवार की घटना के कुछ घंटों बाद कांग्रेस के गोवा प्रभारी माणिकराव ठाकरे ने घटना के लिए मंदिर समिति को दोषी ठहराया था और कहा था कि यह ‘बेशर्म और पाखंड’ है.
हालांकि, फर्नांडीस ने अपनी आलोचना पर अभी कोई टिप्पणी नहीं की है. लेकिन सम्मान समारोह के बाद रविवार सुबह पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह उत्तरी गोवा का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं, लेकिन पड़ोसी असनोरा गांव से उनका विशेष लगाव है जहां उनका जन्म हुआ था. उन्होंने कहा, ”मैं देवी लईराई की पूजा करने आया था. मैं पिछले साल भी मंदिर आया था.”उन्होंने बताया कि वह पीड़ितों से मिलने के लिए शनिवार को गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल गए थे.



