तुर्किये और अजरबैजान जाने वाले लोगों को हतोत्साहित कर सकती है सरकार

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 15 May 2025 08:01 PM
तुर्किये और अजरबैजान जाने वाले लोगों को हतोत्साहित कर सकती है सरकार
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नयी दिल्ली. आने वाले दिनों में तुर्किये और अजरबैजान में भारतीय पर्यटकों की संख्या, ‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ के आयोजन और भारतीय फिल्मों की शूटिंग में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है, क्योंकि सरकार लोगों को उन दोनों देशों में जाने के लिए हतोत्साहित कर सकती है. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. तुर्किये और अजरबैजान ने हाल के संघर्ष में पाकिस्तान का सक्रिय रूप से समर्थन किया था. दोनों देशों ने पाकिस्तान का समर्थन किया और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत उस देश और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी शिविरों पर भारत के हमलों की निंदा की. पाकिस्तान ने संघर्ष में बड़े पैमाने पर तुर्किये के ड्रोन का भी इस्तेमाल किया.

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) समेत कई शैक्षणिक संस्थानों ने या तो तुर्किये के विश्वविद्यालयों के साथ अपने सहयोग को निलंबित कर दिया है या इस पर विचार कर रहे हैं. सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”हर साल बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक तुर्किये और अजरबैजान की यात्रा करते हैं, जिससे उन्हें अच्छी खासी आय होती है. सरकार भारतीयों को इन दोनों देशों की यात्रा करने से रोकने के लिए सक्रिय रूप से विचार कर रही है.” बड़ी संख्या में पर्यटकों के जाने के अलावा, अमीर भारतीयों और अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) द्वारा विदेशी स्थानों पर शादियां करना नवीनतम चलन है. भारतीय नागरिक इन दोनों देशों की प्राकृतिक सुंदरता, आकर्षक कैफे और शानदार रेस्तरां के अलावा अन्य चीजों के लिए यहां आते हैं.

सूत्रों ने कहा, ”भारतीय लोग ‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ में करोड़ों रुपए खर्च करते हैं, जिससे दोनों देशों को बहुत अच्छा राजस्व मिलता है. हम देखेंगे कि हम तुर्किये और अजरबैजान में भारतीयों द्वारा ऐसे आयोजनों की मेजबानी को कैसे कम कर सकते हैं, जिन्होंने भारत के खिलाफ पाकिस्तान का समर्थन किया.” ‘फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज’ (एफडब्ल्यूआईसीई) और ‘ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन’ (एआईसीडब्ल्यूए) ने बुधवार को भारतीय कलाकारों और निर्माताओं से अपील की कि वे तुर्किये के पाकिस्तान समर्थक रुख के कारण शूटिंग स्थल के रूप में इसका बहिष्कार करें.

सूत्रों ने बताया, ”तुर्किये और अजरबैजान में फिल्म शूटिंग करने वाले फिल्म निर्माताओं को सरकार की ओर से कोई सहायता नहीं दी जाएगी.” अनुमान के मुताबिक, 2023 में लगभग तीन लाख भारतीय पर्यटक तुर्किये गए और दो लाख से अधिक अजरबैजान गए. अप्रैल-फरवरी 2024-25 के दौरान तुर्किये को भारत का निर्यात 5.2 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जबकि 2023-24 में यह 6.65 अरब अमेरिकी डॉलर था.

तुर्किये की एयरलाइन के साथ साझेदारी से भारतीय यात्रियों को कई लाभ: इंडिगो

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने बृहस्पतिवार को कहा कि र्टिकश एयरलाइंस के साथ उसकी साझेदारी से भारतीय यात्रियों और देश की अर्थव्यवस्था को कई लाभ मिलते हैं क्योंकि इससे कनेक्टिविटी बेहतर होती है और अंतरराष्ट्रीय यात्रा भी अधिक किफायती हो जाती है.

इंडिगो की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पाकिस्तान का समर्थन करने और आतंकी ठिकानों पर भारत के हालिया हमलों की तुर्किये द्वारा निंदा करने के बाद कुछ हलकों में तुर्किये के सामान और पर्यटन का बहिष्कार करने की मांग उठ रही है. कुछ ऑनलाइन यात्रा सुविधा मंचों और संगठनों ने भी लोगों को तुर्की न जाने की सलाह जारी की है.

फिलहाल इंडिगो र्टिकश एयरलाइंस से किराये पर लिए गए दो विमानों के साथ इस्तांबुल के लिए सीधी उड़ानें संचालित करती है. इसके अलावा यह यूरोप और अमेरिका में 40 से अधिक स्थानों पर कोडशेयर सीटें भी मुहैया कराती है. कोडशेयर भागीदारी के तहत एयरलाइन अपने यात्रियों को अपनी साझेदार एयरलाइन पर बुक कर सकती है और टिकट एक ही रहता है.

इंडिगो के एक अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा कि भारत और तुर्किये के बीच जारी हवाई यातायात को द्विपक्षीय हवाई सेवा समझौते (एएसए) और भारत से अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाओं के समग्र निर्माण के संदर्भ में देखा जाना चाहिए. एएसए के तहत तुर्किये और भारत की एयरलाइंस को दोनों देशों के बीच प्रति सप्ताह कुल 56 उड़ानें संचालित करने की अनुमति मिली है. घरेलू एयरलाइंस भारत से तुर्किये और तुर्किये से भारत के लिए हर सप्ताह 14-14 उड़ानें संचालित करती हैं. इतनी ही उड़ानों के संचालन की अनुमति तुर्किये की एयरलाइंस को भी है.

इंडिगो के अधिकारी ने कहा कि र्टिकश एयरलाइंस के साथ साझेदारी से भारतीय यात्रियों और देश की अर्थव्यवस्था को कई लाभ मिलते हैं. लंबी दूरी की उड़ानों की अतिरिक्त क्षमता ने भारतीय यात्रियों के लिए उचित हवाई किराये पर सीटें उपलब्ध कराई हैं.
इसके साथ ही अधिकारी ने कहा, ”कोडशेयर साझेदारी ने इंडिगो को यूरोप और अमेरिका में लंबी दूरी के बाजारों में अपनी उपस्थिति बनाने में सक्षम बनाया है, जिससे आत्मनिर्भरता की नींव रखी गई है.” इंडिगो के पास 400 से अधिक विमानों का बेड़ा है और यह प्रतिदिन लगभग 2,200 उड़ानें संचालित करती है. एयरलाइन 90 से ज़्यादा घरेलू और 40 से ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों को जोड़ती है. इसकी 10 कोडशेयर साझेदारी हैं.

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