नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को कांग्रेस पर कर्नाटक में लोगों की आवाज दबाने का आरोप लगाया. केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि राज्य सरकार किसी तानाशाह से भी बदतर तरीके से काम कर रही है. भाजपा नेता जोशी की यह प्रतिक्रिया कर्नाटक की कांग्रेस सरकार द्वारा प्रदेश भाजपा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा शुरू करने के बाद आयी है.
कर्नाटक सरकार ने रविवार को जारी एक आधिकारिक अधिसूचना में आरोप लगाया कि भाजपा दृश्य मीडिया और प्रिंट मीडिया में “राज्य सरकार की दो साल की विफलता के बारे में आरोप पत्र” शीर्षक के तहत अपने अभियान के माध्यम से “गलत और झूठी सूचना” फैलाने में लगी हुई है. विपक्षी भाजपा ने इस कदम को कर्नाटक में आपातकाल के दूसरे अध्याय की शुरुआत करार दिया है.
केंद्रीय मंत्री जोशी ने एक पोस्ट में दावा किया कि कांग्रेस सरकार समाचार चैनल के एंकरों को डराने की कोशिश कर रही है. उन्होंने सत्तारूढ. पार्टी से सवाल किया कि उसकी “विफलताओं, भ्रष्टाचार और कर्नाटक की अर्थव्यवस्था व राजनीति को पहुंचाए गए नुकसान पर बात करने से उसे डर क्यों लगता है?” जोशी ने सवाल किया, ”एक सवाल मुझे परेशान कर रहा है – क्या कर्नाटक हिटलर के समय की तरह एक तानाशाही में बदल गया है?” उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों का पालन करने का दावा करने वाली कांग्रेस सरकार, किसी भी तानाशाह से भी बदतर तरीके से व्यवहार कर रही है.
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं कर्नाटक की धारवाड लोकसभा सीट से सांसद जोशी ने सवाल किया, ”क्या लोगों की आवाज दबाना संविधान का हिस्सा है, सिद्धरमैया? आप और डी के शिवकुमार आलोचना सुनने से इतने डरे हुए क्यों हैं? आपकी विफलताओं, भ्रष्टाचार और कर्नाटक की अर्थव्यवस्था व राजनीति को हुए नुकसान के बारे में बात करने से आपको डर क्यों लगता है?” जोशी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ”असाधारण पुलिस बल भेजकर समाचार चैनल के एंकरों को डराने की कोशिश कर रही है.” उन्होंने कहा कि यह कदम केवल सत्तारूढ. सरकार की अपनी विफलताओं को छिपाने के प्रयास में ”डर और हताशा” को दर्शाता है.
उन्होंने कहा, ”श्रीमान सिद्धरमैया, ऐसा लग रहा है कि आप केवल सत्ता से चिपके रहना चाहते हैं. हम आपकी हताशा साफ देख सकते हैं. लेकिन कर्नाटक इस तानाशाही जैसी मानसिकता या मुगलशाही तरीके के शासन को कभी स्वीकार नहीं करेगा.” प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र ने कहा कि उनकी पार्टी ऐसे हथकंडों से चुप नहीं बैठेगी. उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”अगर आपको लगता है कि आप पुलिस और कानून के नाम पर विपक्षी पार्टियों की आवाज दबा सकते हैं, तो यह आपकी मूर्खता की पराकाष्ठा है.”
उन्होंने कहा, ”कर्नाटक में आपातकाल का दूसरा अध्याय शुरू हो चुका है और कांग्रेस सरकार जल्द ही देखेगी कि लोकतंत्र, कर्नाटक की जनता, विपक्षी दल और मीडिया में इसे पलटने की ताकत है.” कर्नाटक सरकार की अधिसूचना में कहा गया कि कर्नाटक सरकार ने इस संबंध में बेंगलुरु की 42वीं मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अदालत में मानहानि का मुकदमा दायर करने का फैसला किया है और कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग (डीपीएआर) के सचिव को शिकायत दर्ज करने के लिए अधिकृत किया गया है.
इस बीच, कांग्रेस ने मोदी सरकार के 11 साल पूरे होने के मौके पर सोमवार को आरोप लगाया कि देश में “अघोषित आपातकाल” के 11 वर्ष पूरे गए. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “आज 26 मई 2025 है. आज अघोषित आपातकाल को 11 साल हो गए.” कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा करते हुए कहा, “140 करोड़ जनता का हर तबका परेशान, 11 वर्षों में ऐसा रहा कमल का निशान.” वर्ष 2014 में आज ही के दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री के तौर पर पहली बार शपथ ली थी. प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल 9 जून को तीसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली थी.