गुवाहाटी. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बुधवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता गौरव गोगोई की ब्रिटिश नागरिक पत्नी पाकिस्तानी जलवायु लॉबी की ओर से विभिन्न खुफिया दस्तावेज एकत्र कर रही थीं. शर्मा ने यहां संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि असम सरकार के पास गोगोई और उनकी पत्नी के पाकिस्तान के साथ घनिष्ठ संबंधों के आरोपों को पुष्ट करने के लिए दस्तावेजी सबूत हैं और वह 10 सितंबर तक सब कुछ सार्वजनिक कर देंगे.
हालांकि, पाकिस्तानी प्रतिष्ठान के साथ अपने कथित संबंधों के दावों को खारिज करते हुए असम कांग्रेस के नवनियुक्त प्रमुख गौरव गोगोई ने कहा कि वह 12 साल पहले सिर्फ एक बार पाकिस्तान गए थे और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस मुद्दे को एक ”सी-ग्रेड बॉलीवुड फिल्म” की तरह उठा रही है जो ”बुरी तरह फ्लॉप” होने वाली है.
मुख्यमंत्री ने कहा, ”गौरव की पत्नी ने आईबी के दस्तावेजों की निगरानी की और उन्हें उद्धृत किया. इसका मतलब है कि आईबी (खुफिया ब्यूरो) में उनका कोई व्यक्ति जरूर है. यह बहुत गंभीर आरोप है. मेरे पास यह साबित करने के लिए दस्तावेज हैं कि उनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न विभिन्न खुफिया रिपोर्ट एकत्र करने में शामिल थीं.” शर्मा ने कहा कि वह जलवायु लॉबी के लिए काम करती हैं और पाकिस्तान के साथ उनके घनिष्ठ संबंध थे. गोगोई के बारे में बात करते हुए शर्मा ने आरोप लगाया, ”वह एक पाकिस्तानी एजेंट हैं. उनका पूरा रिश्ता पाकिस्तानी प्रतिष्ठान के साथ था… उन्होंने 2017-18 तक यह संबंध बनाए रखा.”
विश्वसनीय जानकारी से गोगोई की पाकिस्तानी प्रतिष्ठान से ‘निकटता’ का संकेत मिलता है: हिमंत
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बुधवार को दावा किया कि ऐसी विश्वसनीय जानकारी मिली है जो कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई की पाकिस्तानी प्रतिष्ठान के साथ ‘निकटता’ का संकेत देती है. शर्मा ने कहा कि पाकिस्तान यात्रा करने के बारे में उनकी (गोगोई) स्वीकारोक्ति ‘कुछ बहुत गंभीर’ चीज की ‘केवल शुरुआत’ है. पाकिस्तानी प्रतिष्ठान के साथ कथित संबंधों के दावों को खारिज करते हुए गोगोई ने नयी दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह 12 साल पहले केवल एक बार पाकिस्तान गए थे.
शर्मा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”आखिरकार, कांग्रेस सांसद श्री गौरव गोगोई ने स्वीकार कर लिया कि उन्होंने पाकिस्तान का दौरा किया था, लेकिन हम बहुत स्पष्ट हैं- यह केवल शुरुआत है, अंत नहीं. आगे जो होने वाला है वह कहीं अधिक गंभीर है. विश्वसनीय जानकारी और दस्तावेजों में निहित सूचना द्वारा सर्मिथत हर उचित आधार मौजूद है, जो यह संकेत देता है कि श्री गोगोई ने पाकिस्तानी प्रतिष्ठान के साथ ‘निकटता’ बनाए रखी है.”
उन्होंने कहा कि असम सरकार पारर्दिशता और जवाबदेही के प्रति प्रतिबद्ध है और विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा व्यापक जांच पूरी करने के बाद 10 सितंबर को सब कुछ सार्वजनिक कर दिया जाएगा.
शर्मा ने गोगोई को राज्य कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने का जिक्र करते हुए कहा, ”असम और देश के लोग सच जानने के हकदार हैं, और उन्हें यह हक पूरी तरह से मिलेगा, लेकिन जानबूझकर हमारे देश के सार्वजनिक जीवन में ऐसे खतरनाक और समझौतावादी व्यक्ति को बढ.ावा देने के लिए लोग कांग्रेस पार्टी और श्री राहुल गांधी को न भूलेंगे और न ही माफ करेंगे.”
कांग्रेस के 24, अकबर रोड स्थित कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में गोगोई ने पूछा कि यदि कोई गड़बड़ी हुई थी तो केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने पिछले 11 वर्षों में कार्रवाई क्यों नहीं की. उन्होंने दावा किया कि शर्मा कांग्रेस नेतृत्व के मन में उनकी विश्वसनीयता को लेकर संदेह पैदा करने के इरादे से ये आरोप लगा रहे थे, लेकिन उनकी मंशा को नाकाम कर दिया गया है.
गोगोई ने कहा, ”आरोप लगाए जा रहे हैं और मैं स्पष्ट करना चाहूंगा कि राज्य के लोगों को गुमराह नहीं किया जा रहा है. करीब 14-15 साल पहले मेरी पत्नी, जो सार्वजनिक नीति के क्षेत्र की जानी-मानी विशेषज्ञ हैं, ने दक्षिण एशिया में जलवायु परिवर्तन पर केंद्रित एक अंतरराष्ट्रीय परियोजना पर काम किया था. वर्ष 2012-13 के आसपास भारत लौटने से पहले उन्होंने एक साल पाकिस्तान में बिताया था.”