भारत निवेश सुविधा पर चीन के प्रस्ताव का समर्थन करे: डब्ल्यूटीओ प्रमुख

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 03 Jun 2025 08:09 PM
भारत निवेश सुविधा पर चीन के प्रस्ताव का समर्थन करे: डब्ल्यूटीओ प्रमुख
ऑडियो सुनें

पेरिस. विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की महानिदेशक नगोजी ओकोन्जो-इवेला ने मंगलवार को भारत से विकास के लिए निवेश सुविधा पर चीन की अगुवाई वाले प्रस्ताव के समर्थन का आग्रह करते हुए कहा कि कई विकासशील देश इस पहल का समर्थन कर रहे हैं.
डब्ल्यूटीओ की मुखिया ने कहा कि उन्होंने भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ डब्ल्यूटीओ में सुधारों और कृषि जैसे कई मुद्दों पर चर्चा की. गोयल इस समय आधिकारिक यात्रा पर पेरिस आए हुए हैं.

इवेला ने यहां संवाददाताओं से कहा, ”हमें एक नेता के रूप में भारत की जरूरत है. भारत एक अग्रणी देश है और भारत अच्छा प्रदर्शन कर रहा है. इसलिए, भारत को अन्य विकासशील देशों के लिए रास्ता खोलने की जरूरत है.” उन्होंने कहा, ”उदाहरण के तौर पर, हम विकास के लिए निवेश सुविधा वाले प्रस्ताव पर चाहते हैं कि भारत इसका समर्थन करे. दरअसल, बहुत सारे विकासशील देश (126 में से 90 सदस्य) इस प्रस्ताव पर आगे बढ़ना चाहते हैं.” इसी के साथ डब्ल्यूटीओ प्रमुख ने कृषि से संबंधित भारत की चिंताओं को भी सुनने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि उसके समर्थन का प्रयास करना होगा.

चीन के नेतृत्व वाला 128 देशों का समूह विकास के लिए निवेश सुविधा (आईएफडी) प्रस्ताव पर जोर दे रहा है. यह प्रस्ताव केवल उन्हीं देशों के लिए बाध्यकारी होगा जो हस्ताक्षर करेंगे. लेकिन भारत इस प्रस्ताव के खिलाफ है और उसने अबू धाबी में आयोजित पिछले 13वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में इस पहल का विरोध भी किया. भारत का कहना है कि इस तरह के समझौते 166 सदस्यीय संगठन की बहुपक्षीय प्रकृति को कमजोर करेंगे.

इस प्रस्ताव को पहली बार वर्ष 2017 में चीन और उसके समर्थक देशों ने पेश किया था. चीनी निवेश पर बहुत अधिक निर्भर देशों के अलावा सरकारी धन निधि वाले देश भी उस समझौते के पक्षकार हैं. प्रमुख देशों में अमेरिका इस समझौते से बाहर है. डब्ल्यूटीओ प्रमुख यहां एक लघु मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए आई हुई हैं. इसका आयोजन ‘आर्थिक सहयोग और विकास संगठन’ (ओईसीडी) की मंत्रिस्तरीय परिषद की बैठक के दौरान निर्धारित है. भारत, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर सहित लगभग 25 देशों के व्यापार मंत्री बैठक में भाग लेने के लिए यहां आए हैं.

इवेला ने कहा कि बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली इसके पहले कभी भी इस तरह बाधित नहीं हुई थी लेकिन कई बार चुनौतियां अवसर भी लेकर आती हैं. उन्होंने कहा, ”मुझे लगता है कि यह बैठक डब्ल्यूटीओ सदस्यों के लिए यह देखने का एक बहुत अच्छा अवसर है कि वे कौन सी चीजें हैं जो काम करती हैं और जिन्हें बनाए रखा जाना चाहिए….लेकिन ऐसी चीजें भी हैं जो काम नहीं करती हैं.” उन्होंने सदस्यों से डब्ल्यूटीओ में सुधार के लिए जरूरी बिंदुओं को सामने लाने का आग्रह करते हुए कहा कि सभी सुझावों को इकट्ठा कर इसे सुधारने की कोशिश करनी होगी. यह बैठक मध्य अफ्रीकी देश कैमरून में 26-29 मार्च को होने वाले 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण है.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu