दिल्ली में बांग्लाभाषी महिला और उसके बच्चे को धमकाया भी गया : ममता बनर्जी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 29 Jul 2025 07:55 PM
दिल्ली में बांग्लाभाषी महिला और उसके बच्चे को धमकाया भी गया : ममता बनर्जी
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को दावा किया कि दिल्ली में कथित रूप से मारपीट की शिकार बांग्लाभाषी महिला और उसके बच्चे को धमकी भी दी गयी थी. उनके इस बयान से पहले दिल्ली पुलिस ने बनर्जी द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो को ‘मनगढ़ंत’ और ‘राजनीति से प्रेरित’ बताया था.

बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया था कि राष्ट्रीय राजधानी में एक बांग्ला भाषी महिला और उसके बच्चे पर अपनी भाषा बोलने के कारण हमला किया गया. मुख्यमंत्री ने आज कहा, ”जैसा कि मैंने कल अनुमान जताया था, उन्हें (महिला और उसके बच्चे को) विभिन्न थानों में ले जाया गया. उन्हें धमकाया गया. हम चाहते हैं कि वे वापस आ जाएं तथा कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ बोल रहा है, वह अंतत? साबित हो जाएगा.” उन्होंने कहा कि यदि भाजपा शासित राज्यों में बांग्ला भाषी प्रवासी श्रमिकों को परेशान किया जाता है, तो उन्हें बंगाल वापस आ जाना चाहिए.

दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (पूर्व) अभिषेक धानिया ने सोमवार को बताया था कि पुलिस ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री द्वारा ‘एक्स’ पर साझा किए गए वीडियो का तत्काल संज्ञान लिया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि दिल्ली पुलिसर्किमयों ने महिला और उसके बच्चे के साथ बेरहमी से मारपीट की.

पुलिस उपायुक्त ने कहा, ”लगातार पूछताछ के दौरान, महिला ने स्वीकार किया कि पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में राजनीतिक कार्यकर्ता उसके रिश्तेदार ने उसे वीडियो बनाने के लिए कहा था. इसके बाद वीडियो बंगाल में स्थानीय स्तर पर प्रसारित किया गया और बाद में सोशल मीडिया पर भी सामने आया.” बंगाल के प्रवासी मजदूरों से राज्य में वापस आने की अपनी अपील दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा और उनके बच्चों की शिक्षा समेत सभी कल्याणकारी सुविधाएं उन्हें प्रदान की जाएंगी.

बनर्जी ने सवाल किया कि जब भाजपा शासित राज्यों में लोगों को अत्याचार का सामना करना पड़ता है, तो क्या मानवाधिकार, महिला और आदिवासी कल्याण पर केंद्रीय आयोग वहां भेजे जाते हैं? उन्होंने पूछा, ”जब बांग्ला भाषी लोगों पर अत्याचार होते हैं, उन्हें मार दिया जाता है, या उनके घरों से निकाल दिया जाता है और पानी-बिजली के कनेक्शन काट दिए जाते हैं, तो कितने आयोग वहां जाते हैं?” बीरभूम जिले में एक कार्यक्रम में 10 मेगावाट के सौर ऊर्जा स्टेशन और कुछ पुलों समेत कई परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद बनर्जी ने कहा, ”ऐसे मामलों में कोई आयोग नहीं भेजा जाता है.”

उन्होंने कहा, ”असम, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और दिल्ली में भाजपा की डबल इंजन वाली सरकारें हैं तथा वहां गृह मंत्रालय के आदेश पर अत्याचार हो रहे हैं. क्या हो रहा है?” बनर्जी ने यह भी दावा किया कि हरियाणा के गुरुग्राम में 10 निरुद्ध शिविर बनाए गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया, ”असम में लाखों लोग निरुद्ध शिविरों में हैं.” बनर्जी ने दावा किया, ”मतदाता सूची संशोधन के नाम पर एनआरसी लागू करने के प्रयास किये जा रहे हैं.” उन्होंने पश्चिम बंगाल के सभी वास्तविक मतदाताओं से आग्रह किया कि वे मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाएं.

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