‘नकल जिहादियों’ को मिट्टी में मिलाने तक चैन से नहीं बैठेंगे: पुष्कर सिंह धामी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 24 Sep 2025 08:43 PM
‘नकल जिहादियों’ को मिट्टी में मिलाने तक चैन से नहीं बैठेंगे: पुष्कर सिंह धामी
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देहरादून.. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को कहा कि राज्य में एक षडयंत्र के तहत संगठित रूप से ‘नकल जिहाद’ छेड़ने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन उनकी सरकार ‘नकल जिहादियों’ को मिट्टी में मिलाने तक चैन से नहीं बैठेगी.
हाल में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की स्नातक स्तरीय परीक्षा के एक प्रश्नपत्र के तीन पन्ने कथित तौर पर लीक होने से प्रदेश में मचे हड़कंप के बीच मुख्यमंत्री ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, “युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेलने के लिए संगठित होकर पेपर लीक कराने के षडयंत्र रचे जा रहे हैं . कोचिंग माफिया और नकल माफिया एक होकर राज्य में ‘नकल जिहाद’ छेड़ने का प्रयास कर रहे हैं . जांच से पहले ही प्रदेश में अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं .”

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “लेकिन मैं उन सभी नकल माफियाओं और जिहादियों को बता देना चाहता हूं कि हमारी सरकार राज्य में नकल माफियाओं को जब तक मिट्टी में नहीं मिला देगी तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे.” मुख्यमंत्री यहां भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारियों के लिए आयोजित एक प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे.

धामी ने कहा कि राज्य में नकल माफिया पर अंकुश लगाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया जिसके बाद पिछले चार वर्षों में 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गयी है. उन्होंने कहा कि राज्य बनने के बाद 21 सालों में केवल 16 हजार लोगों को नौकरियां मिली थीं. धामी ने यह भी कहा कि नकल विरोधी कानून के लागू होने के बाद 2022 से लेकर अब तक 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है. हालांकि, उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को यह रास नहीं आ रहा कि युवाओं का उनकी योग्यता, क्षमता और प्रतिभा के आधार पर सरकारी नौकरी में चयन हो.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जानते हैं कि पेपर लीक होने की स्थिति में पेपर शुरू होने से पहले ही बाहर आ जाता है लेकिन इस बार केवल एक जगह एक परीक्षा केंद्र में किसी ने अंदर से फोटो खींचकर बाहर भेज दी जिस पर बाद में हंगामा खड़ा कर दिया गया .
उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में कहीं और से ऐसी कोई बात सामने नहीं आयी जबकि प्रदेश भर में इस परीक्षा में करीब अस्सी हजार अ्भ्यियथयों ने भाग लिया.

धामी ने कहा, “हम फिर भी उसकी जांच कर रहे हैं क्योंकि हमारा ध्येय है कि हमारे युवाओं को हर कीमत पर न्याय मिलना चाहिए और उन्हें प्रतिभा के आधार पर चयन का अवसर मिलना चाहिए.” यूकेएसएसएससी की रविवार को स्नातक स्तरीय परीक्षा का आयोजन किया गया था जिसके एक प्रश्नपत्र के कथित तौर पर तीन पन्ने सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे . इस मामले में पुलिस ने परीक्षा में अभ्यर्थी के रूप में शामिल हुए मुख्य आरोपी खालिद मोहम्मद और उसकी बहन साबिया को हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस के अनुसार, खालिद ने परीक्षा केंद्र से प्रश्नपत्र के फोटो खींचकर अपनी बहन साबिया को भेजे थे जिसने टिहरी की एक सहायक प्रोफेसर सुमन को वे प्रश्न भेजकर उनके उत्तर हासिल किए .

इसी बीच सुमन को उन प्रश्नों पर शक हुआ जिसके बाद उसने उनके स्क्रीनशॉट लेकर एक व्यक्ति से यह जानकारी साझा की जिसने पुलिस या किसी सक्षम अधिकारी के पास जाने की बजाय उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया जिससे वे वायरल हो गए.
ऋषिकेश की पुलिस अधीक्षक और मामले की विवेचना अधिकारी जया बलूनी ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है.

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