लौटाए गए अवशेष गाजा में बंधक बनाकर रखे गए लोगों से मेल नहीं खाते : इजराइल

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 03 Dec 2025 08:57 PM
लौटाए गए अवशेष गाजा में बंधक बनाकर रखे गए लोगों से मेल नहीं खाते : इजराइल

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यरूशलम. इजराइल ने बुधवार को कहा कि उग्रवादियों द्वारा लौटाए गए अवशेष गाजा में बचे बंधकों से मेल नहीं खाते. साथ ही कहा कि वह गाजा से फलस्तीनियों को मिस्र पहुंचने में मदद के लिए आने वाले कुछ दिनों में रफह सीमा चौकी (क्रॉसिंग) खोलेगा. दो बंधकों के अवशेष इजराइल को नहीं सौंपे जाने के कारण इजराइल और हमास के बीच संघर्षविराम के पहले चरण में रुकावट आने का खतरा है. लेकिन, रफह क्रॉसिंग खोलने का वादा करके, इजराइल ने जताया कि वह अमेरिका सर्मिथत संघर्षविराम के कुछ हिस्सों पर आगे ब­ढ़ रहा है.

युद्धग्रस्त गाजा के मलबे में शवों को तलाशने के लिए संघर्ष कर रहे फलस्तीनी उग्रवादियों ने कहा कि उनकी तलाश बुधवार को भी जारी रही. विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि 16,500 से अधिक बीमार और घायल लोग हैं जिन्हें चिकित्सा देखभाल के लिए गाजा से बाहर जाना होगा.

इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बुधवार को एक बयान में कहा कि फोरेंसिक जांच में पाया गया कि लौटाए गए शव उसके नागरिक रान ग्वीली और थाईलैंड के नागरिक सुदथिसाक रिन्थालक के नहीं हैं. फलस्तीनी इस्लामिक जिहाद की सैन्य शाखा ‘सरया अल-कुद्स’ ने कहा कि उसके सदस्य बुधवार सुबह उत्तरी गाजा में शवों की तलाश में जुटे थे.

समूह ने अपने ‘टेलीग्राम’ चैनल पर कहा कि उसके सदस्यों के साथ रेड क्रॉस के कार्यकर्ता भी थे. इस बीच, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को कहा कि उन्होंने लेबनानी राजनयिक और आर्थिक अधिकारियों के साथ बातचीत में शामिल होने के लिए एक दूत नियुक्त किया है. नेतन्याहू के कार्यालय ने इस नियुक्ति को दोनों देशों के बीच ”संबंधों और आर्थिक सहयोग की नींव रखने का पहला प्रयास” बताया. हालांकि, यह नहीं बताया गया कि बातचीत कब और कहां होगी.

By Yogesh Kumar Sahu