भारत ने चक्रवात प्रभावित श्रीलंका को सचल पुल प्रणाली और जलशोधन इकाईयां भेजीं

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 04 Dec 2025 08:17 PM
भारत ने चक्रवात प्रभावित श्रीलंका को सचल पुल प्रणाली और जलशोधन इकाईयां भेजीं

ऑडियो सुनें

कोलंबो. भारत ने चक्रवात प्रभावित श्रीलंका के लिये सचल मॉड्यूलर पुल प्रणाली और सैकड़ों जल शोधन इकाईयां हवाईमार्ग से भेजी हैं. भारतीय मिशन ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. मिशन की तरफ से बताया गया कि यह सहायता अलग-थलग पड़े समुदायों को जोड़ने और आवश्यक सेवाएं बहाल करने के लिए मानवीय समर्थन का हिस्सा है.

चक्रवात ‘दित्वा’ के कारण बा­ढ़ और भूस्खलन से जूझ रहे श्रीलंका में अवसंरचनाएं ध्वस्त होने से कई जिले अलग-थलग पड़ गए हैं. 16 नवंबर से लगातार बनी इन अत्यधिक खराब मौसमी स्थितियों के कारण बुधवार शाम तक कम से कम 479 लोगों की जान जा चुकी है और 350 लापता हैं. भारतीय उच्चायोग ने बताया कि कोलंबो के अनुरोध पर भारतीय वायु सेना का एक सी-17 ग्लोबमास्टर परिवहन विमान बुधवार को बेली ब्रिज प्रणाली के साथ 500 जल शोधन इकाईयां लेकर पहुंचा.

मिशन ने कहा, “क्षतिग्रस्त पुलों को बदलने के लिए यह विशाल संरचना कुछ ही घंटों में स्थापित की जा सकती है, जिससे बा­ढ़ और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं की पहुंच मज.बूत होगी.” पुल को स्थापित करने के लिए विमान में विशेषज्ञ इंजीनियरों सहित 22 कर्मी और पहले तैनात किए गए फील्ड अस्पताल की सहायता के लिए एक मेडिकल टीम भी भेजी गई है.

भारत ने अपने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत यह मानवीय सहायता भेजी है. श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भारत के अटूट समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया. राष्ट्रीय आपदा राहत सेवा केंद्र (एनडीआरएससी) के सहायक सचिव जयतिस्सा मुनसिंघे के अनुसार, बुधवार रात तक 4,55,000 से अधिक परिवारों के 16 लाख से अधिक लोग बा­ढ़ से घिरे हुए थे. अधिकारियों ने कुल छह से सात अरब अमेरिकी डॉलर के बीच आर्थिक नुकसान होने का अनुमान लगाया है.

By Yogesh Kumar Sahu