‘नए बांग्लादेश का जन्मदिन’, मतदान के बाद यूनुस ने आज के दिन को बताया खास, जनता से बड़ी अपील

Author: navabharat digital
UPDATED: Thu, 12 Feb 2026 02:05 PM
‘नए बांग्लादेश का जन्मदिन’, मतदान के बाद यूनुस ने आज के दिन को बताया खास, जनता से बड़ी अपील
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ढाका: बांग्लादेश में चुनावी लोकतंत्र फिर से पटरी पर लौटता दिख रहा है। 13वें संसदीय चुनाव के साथ अंतरिम शासन के बाद जनता को नई सरकार चुनने का मौका मिला है।राजनीतिक उथल-पुथल, विरोध प्रदर्शनों और अस्थिरता के बीच यह मतदान देश की लोकतांत्रिक नींव को फिर से मजबूत करने की अहम कड़ी माना जा रहा है। ऐसे में जारी मतदान बीच देश के अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने ढाका के गुलशन मॉडल हाई स्कूल एंड कॉलेज में अपना वोट डाला। मतदान के बाद उन्होंने इस दिन को बहुत खुशी का दिन बताया और इसे नए बांग्लादेश का जन्मदिन कहा।

इस दौरान यूनुस ने बांग्लादेश के लोगों से ज्यादा से ज्याजा मतदान करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि वे बड़ी संख्या में मतदान करें और साथ ही राष्ट्रीय जनमत संग्रह में भी भाग लें। बता दें कि मतदान से एक दिन पहले देश के नाम अपने संबोधन में उन्होंने इस चुनाव को देश के राजनीतिक इतिहास का महत्वपूर्ण क्षण बताया था। उन्होंने कहा था कि यह चुनाव और जनमत संग्रह बांग्लादेश के इतिहास में एक अनोखा और महत्वपूर्ण अध्याय माना जाएगा।

18 महीने बाद हो रहे चुनाव
बता दें कि ये चुनाव पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के 15 साल लंबे शासन के खत्म होने के करीब 18 महीने बाद हो रहे हैं। शेख हसीना को देशभर में हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद सत्ता छोड़नी पड़ी थी। उसके बाद से देश में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार काम कर रही है। हालांकि, यूनुस सरकार के कार्यकाल के दौरान देश में लगातार विरोध प्रदर्शन हुए हैं।

इतना ही नहीं कट्टर इस्लामी संगठनों के प्रभाव में बढ़ोतरी और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं को लेकर चिंता जताई गई है। कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने आरोप लगाया है कि इस दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर हुई है और ठोस सुधार नहीं हुए हैं।

12.7 करोड़ से अधिक मतदाता
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस चुनाव में लगभग 12 करोड़ 77 लाख (127.7 मिलियन) पंजीकृत मतदाता मतदान कर सकते हैं। इनमें करीब 6 करोड़ 28 लाख महिलाएं शामिल हैं। खास बात यह है कि पहली बार वोट देने के लिए पंजीकरण कराने वाली महिलाओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा है। लगभग 27 लाख नई महिला मतदाता हैं, जबकि नए पुरुष मतदाताओं की संख्या करीब 18.7 लाख है।
हालांकि मतदाताओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है, लेकिन चुनाव लड़ने वाली महिला उम्मीदवारों की संख्या बहुत कम है। कुल उम्मीदवारों में से केवल 83 महिलाएं चुनाव मैदान में हैं, जो कुल उम्मीदवारों का लगभग 4 प्रतिशत है। इनमें 63 महिलाओं को राजनीतिक दलों ने टिकट दिया है, जबकि 20 महिलाएं निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रही हैं।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
चुनाव के दौरान सुरक्षा के लिए देशभर में लगभग 9 लाख 58 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। संवेदनशील और जोखिम वाले इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसके अलावा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए 1 लाख से अधिक सेना के जवान भी तैनात किए गए हैं।

चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल
जहां एक ओर कई राजनीतिक दल सरकार बनाने का भरोसा जता रहे हैं, वहीं उन्होंने यह भी माना है कि चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं। इस बीच, पूर्व सत्ताधारी दल अवामी लीग ने इन चुनावों को दिखावा बताया है। पार्टी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह बांग्लादेश को टूटने से बचाए। अवामी लीग का कहना है कि यह चुनाव केवल उनकी पार्टी को किनारे करने के लिए नहीं है, बल्कि उन सभी दलों को बाहर रखने की कोशिश है जो कट्टर विचारधारा का विरोध करते हैं और उदार बांग्लादेश की वकालत करते हैं।

राजनीतिक तनाव के बीच मतदान
गौरतलब है कि बांग्लादेश में चुनाव ऐसे समय हो रहे हैं जब राजनीतिक माहौल काफी तनावपूर्ण है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता में बदलाव से कट्टरपंथी ताकतों को बढ़ावा मिल सकता है। कुल मिलाकर, बांग्लादेश के लिए यह चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मतदान कितना शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रहता है, और आने वाले दिनों में देश की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।

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