Asian Para Games 2026: भारत के लिए दीप्ति जीवनजी ने नया रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता है। मंगलवार, 20 अक्टूबर को एशियाई पैरा खेलों में महिलाओं की 400 मीटर टी20 स्पर्धा में 56.36 सेकंड के समय के साथ एक नया खेल रिकॉर्ड बनाते हुए दीप्ति स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है।
दीप्ति का पदक भारत का पांचवां स्वर्ण पदक और पैरा एशियाई खेलों के दूसरे दिन का पहला पदक है। पेरिस 2024 पैरालिंपिक कांस्य पदक विजेता ने दौड़ में अपना दबदबा बनाया और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी, जापान की नीना कन्नो से दो सेकंड से अधिक आगे रही, जिन्होंने 58.92 सेकंड में जापान के लिए रजत पदक हासिल किया।
दूसरी ओर तीरंदाजी की दुनिया में शीतल देवी ने खास पहचान बना ली है. उन्होंने महज 19 साल की उम्र में वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया है. उन्होंने एशियन पैरा गेम्स 2026 में महिला कंपाउंड तीरंदाजी के क्वालीफिकेशन राउंड में 149 का स्कोर करके विश्व रिकॉर्ड कायम किया. उनसे पहले यह रिकॉर्ड ब्रिटिश तीरंदाज जेसिका स्ट्रेटन के नाम था.
शीतल ने यह कमाल प्री-क्वार्टरफाइनल मैच में किया. उन्होंने हॉन्ग कॉन्ग की एथलीट को 149-134 के अंतर से आसानी से हराकर क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई. भारतीय खेमे के लिए अच्छी खबर यह है कि शीतल अपना क्वार्टरफाइनल भी जीत चुकी हैं. क्वार्टरफाइनल में उन्होंने फिलीपींस की अगस्टिना को 147-135 के अंतर से हराया. वहीं सेमीफाइनल में उन्होंने जापान की खिलाड़ी को 145-137 के अंतर से हराकर फाइनल में जगह बना ली है.
शीतल देवी को क्या बीमारी है?
शीतल देवी का जन्म 10 जनवरी 2007 को जम्मू-कश्मीर के किश्तवार में हुआ था. उनका जन्म फोकोमीलिया नाम की बेमारी बीमारी के साथ हुआ था, इसलिए उनके जन्म से ही दोनों हाथ नहीं हैं. वह दुनिया की पहली और एकमात्र पैरा आर्चरी चैंपियन हैं, जिनके दोनों हाथ नहीं हैं. शीतल अपने पैरों की मदद से निशाना साधती हैं.
भारत के पास 21 मेडल
एशियन पैरा गेम्स 2026 में पदकों की जैसे बारिश हो रही है. भारत अब तक कुल 21 मेडल जीत चुका है, जिनमें 5 गोल्ड, 7 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं. याद दिला दें कि पिछली बार भारत ने 27 गोल्ड सहित 108 मेडल जीते थे. उम्मीद की जा रही है कि इस बार भारत उस संख्या को भी पार करने वाला है.