SBI डाटा लीक: भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने हाल में हुई एक साइबर घटना को लेकर ग्राहकों के लिए जानकारी साझा की है। बैंक के मुताबिक, इस घटना में कुछ ग्राहकों का डाटा शामिल होने की पहचान हुई है। ऐसे ग्राहकों को ईमेल और व्हाट्सएप के जरिये अलग-अलग सूचना दी गई है। बैंक ने यह भी साफ किया है कि ग्राहकों के खातों में जमा रकम सुरक्षित है।
क्या ग्राहकों के खाते से पैसे निकलने का खतरा है?
एसबीआई ने अपने बयान में कहा है कि ग्राहकों के खाते की जमा रकम और उनके पैसे बैंक के पास सुरक्षित हैं। हालांकि, इस बयान से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि साइबर घटना में किसी तरह का नुकसान हुआ ही नहीं।
बैंक ने डाटा से जुड़ी घटना की जानकारी दी है, लेकिन साझा किए गए संदेश में यह नहीं बताया गया कि:
- कितने ग्राहकों का डाटा प्रभावित हुआ,
- कौन-सी जानकारी सामने आई,
- साइबर घटना कैसे हुई।
आखिर क्या है पूरा मामला?
यह मामला 21 अक्तूबर को सामने आया, जब बैंक ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि डार्क वेब पर उपलब्ध करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड की शुरुआती जांच में 3,897 रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें ग्राहकों की निजी जानकारी शामिल थी। बैंक को 16 अक्तूबर को अपने थ्रेट इंटेलिजेंस सेवा प्रदाता, डिफेंस साइबर एजेंसी और भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल से डाटा उजागर होने की आशंका को लेकर अलर्ट मिले थे।
सामने आई जानकारी में ग्राहकों के नाम, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, ईमेल और घर के पते के साथ बैंक की ग्राहक पहचान संख्या और लोन से जुड़े रिकॉर्ड का विवरण शामिल था। हालांकि, बैंक ने कहा है कि डाटा की प्रामाणिकता, उसके स्रोत और पूरे मामले की जांच जारी है।
ग्राहकों को क्या सलाह?
बैंक ने ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल करते समय सावधान रहने की सलाह दी है।
- अपना ओटीपी, एटीएम या बैंकिंग पिन और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
- अनजान नंबर से संदिग्ध कॉल आए या शक वाला मैसेज अथवा ईमेल मिले, तो सतर्क रहें।
- ऐसी जानकारी साझा करने से बचें, जिसका इस्तेमाल कोई आपके बैंक खाते तक पहुंचने के लिए कर सकता है।
एक नज़र में: घटनाक्रम
| तारीख | घटनाक्रम |
|---|---|
| 16 अक्तूबर | बैंक को थ्रेट इंटेलिजेंस प्रदाता, डिफेंस साइबर एजेंसी और CERT-In से अलर्ट मिले |
| 21 अक्तूबर | बैंक ने शेयर बाजार को बताया: करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड की शुरुआती जांच में 3,897 रिकॉर्ड में निजी जानकारी मिली |
| 23 अक्तूबर | बैंक ने बताया कि प्रभावित ग्राहकों को ईमेल और व्हाट्सएप से अलग-अलग सूचना दी गई |