तमिलनाडु के पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है. चेन्नई पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने उन्हें निजी स्कूलों को लाइसेंस सहित दूसरी सरकारी मंजूरियां दिलाने के नाम पर कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये की रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसियों को शक है कि इस कथित रिश्वत मामले से 177 निजी स्कूल प्रभावित हुए.
पुलिस ने ये जानकारी दी कि उन्हें सोमवार (26 अक्टूबर) को गिरफ्तार किया गया। मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के कुछ ही समय बाद, ग्रेटर चेन्नई पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) द्वारा पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी हुई। उन पर आरोप है कि उन्होंने प्राइवेट स्कूलों को पैसे के बदले मान्यता और कानूनी मंजूरी दी।
1,000 से ज़्यादा प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधन से “पार्टी फंड” के नाम पर पैसे वसूलने के आरोप
तमिलनाडु के पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री अंबिल महेश पोय्यामोझी पर आरोप हैं कि जब वह 2021 से 2026 के बीच स्कूल शिक्षा मंत्री थे तो उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान, 1,000 से ज़्यादा प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधन से “पार्टी फंड” के नाम पर पैसे वसूले।
आरोप है कि ये पैसे स्कूलों को स्थायी मान्यता और अन्य प्रशासनिक मंजूरी दिलाने के बदले लिए गए थे। CCB द्वारा दर्ज FIR में ‘प्रिवेंशन ऑफ़ करप्शन एक्ट’ (PCA) के तहत आरोप शामिल हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस कथित घोटाले से जुड़े संदिग्ध मनी ट्रेल (पैसे के लेन-देन) की जांच के लिए ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया है।
निजी स्कूलों को मंजूरी देने से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में महेश से पूछताछ की गई है। जांचकर्ताओं ने मुख्य रूप से इस बात पर ध्यान केंद्रित किया कि घोटाले में नामजद प्रमुख लोगों के साथ उनके क्या संबंध हैं, क्या पार्टी चंदे की आड़ में फंड ट्रांसफर किए गए, और क्या प्रभावित निजी स्कूल प्रबंधन के साथ उनके कोई बैंक लेनदेन हुए हैं। हाल ही में की गई तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजी सबूतों के बारे में उनसे पूछताछ की गई। उनके बयानों को जांच रिकॉर्ड में औपचारिक रूप से दर्ज किया गया।
यह जांच तब शुरू हुई जब ग्रेटर चेन्नई पुलिस कमिश्नर को एक शिकायत मिली। इसमें आरोप लगाया गया था कि निजी स्कूलों के प्रबंधन से, उनके संस्थानों को स्थायी सरकारी मान्यता दिलाने का वादा करके करोड़ों रुपये वसूले गए थे।