भारतीय सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने यहां भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों से मुलाकात की और इस दौरान दोहरी नागरिकता, विकास के अवसरों और भारत के विकास में प्रवासी भारतीयों की भागीदारी सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। न्यूयॉर्क स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास ने लोकसभा सदस्य संगीता कुमारी सिंह देव के नेतृत्व में आए संसदीय प्रतिनिधिमंडल के लिए पिछले सप्ताह भारतीय-अमेरिकियों के साथ एक विशेष संवाद सत्र आयोजित किया।
यह संयुक्त राष्ट्र के कामकाज की जानकारी प्राप्त करने के लिए एक सप्ताह के दौरे पर आए भारतीय सांसदों का दूसरा दल था।
अपनी यात्रा के दौरान सांसदों ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में कई कार्यक्रमों में भाग लिया और संगठन के वरिष्ठ अधिकारियों तथा विभिन्न देशों के राजदूतों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में मनीष तिवारी, डॉ. आलोक कुमार सुमन, संजय दीना पाटिल, अरुण गोविल, डॉ. हेमंत विष्णु सवरा, उत्कर्ष वर्मा ‘मधुर’, अरुण भारती, कमलजीत सहरावत, रंजीत रंजन, संजय कुमार झा और डॉ. सुधा मूर्ति शामिल थे।
न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूत बिनय प्रधान की ओर से आयोजित इस संवाद सत्र में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लगभग 100 प्रमुख सदस्य शामिल हुए।
महावाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी समाज में अपने योगदान के माध्यम से सम्मान और प्रतिष्ठा हासिल करने के लिए भारतवंशियों की सराहना की। साथ ही, उन्हें भारत के विकास से गहराई से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित किया।” प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने प्रतिनिधिमंडल के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की। इस दौरान भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए दोहरी नागरिकता की आवश्यकता का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
इसके अलावा, शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी, सामाजिक विकास, पर्यटन और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क एवं संबंधों को और मजबूत करने जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। इस संदर्भ में भारतीय सरकारी एजेंसियों, राज्य सरकारों और निजी क्षेत्र के साथ संभावित सहयोग पर चर्चा की गई।