गुवाहाटी के एक होटल में गोलीबारी की घटना में मारे गए पांच लोगों का अंतिम संस्कार असम के बारपेटा और बक्सा जिलों में उनके पैतृक स्थानों पर किया गया। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। सोमवार रात जीएस रोड पर बोरा र्सिवस इलाके में स्थित होटल बिलास इन में गोलीबारी की घटना में एक कारोबारी परिवार के चार सदस्यों समेत पांच लोगों की मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। यह घटना होटल के प्रबंधन को लेकर संपत्ति के मालिकों और पट्टाधारक के बीच विवाद के बाद हुई।
मृतकों की पहचान भूदेव भराली (65), उनकी बहन हेलेना (58), हेलेना के बेटे देर्बिष कश्यप (39) और बहू रिनिका कश्यप (30) तथा परिवार के कर्मचारी नारायण दास (48) के रूप में हुई है। गोलीबारी में भराली परिवार का चालक सत्येंद्र पाठक (43) भी घायल हो गया। एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को पोस्टमार्टम और जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद होटल मालिक के परिवार के चार सदस्यों के शव रात करीब 10:15 बजे बारपेटा शहर के इस्सापुरहाटी स्थित उनके आवास पर पहुंचे।
उन्होंने बताया कि दास का शव रात करीब 10:30 बजे बक्सा जिले के निमुआ स्थित उनके पैतृक स्थान पर पहुंचा। शवों के पहुंचने पर बारपेटा स्थित आवास पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने मृतकों के निधन पर शोक जताया। अधिकारी ने कहा, “बाद में आधी रात के करीब नखांदा नदी के किनारे स्थित श्मशान घाट पर एक साथ चार चिताएं जलाई गईं। सैकड़ों लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।” घटना में जीवित बचे एकमात्र व्यक्ति पाठक का गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में इलाज चल रहा है।
जीएमसीएच के अधीक्षक देवजीत चौधरी ने बताया कि गोली पाठक के दाहिने हाथ को भेदकर निकल गई, लेकिन इससे किसी भी महत्वपूर्ण तंत्रिका को नुकसान नहीं पहुंचा।
पुलिस ने बताया कि पट्टाधारक घनकांत गोगोई (34) को घटना के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से लाइसेंसी .32 बोर की पिस्तौल भी बरामद की गई, जिसका कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल किया गया था। मंगलवार रात एक अदालत ने आरोपी को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। उसे तीन नवंबर को फिर से अदालत में पेश किया जाएगा।
असम पुलिस ने गोलीबारी की घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। वहीं, शोकाकुल परिवार ने आरोप लगाया कि हमला सुनियोजित था और उसने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। गुवाहाटी के संयुक्त पुलिस आयुक्त अंकुर जैन छह सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का नेतृत्व करेंगे। इसके अन्य सदस्यों में पुलिस उपायुक्त (मध्य) शांभवी मिश्रा, पुलिस उपायुक्त (अपराध) देबजीत नाथ, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (मध्य) विकु आचुमी, पलटन बाजार पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक कुलेशज्योति भुइयां और उपनिरीक्षक अभिनाश दास शामिल हैं।
पुलिस के एक बयान के अनुसार, भराली परिवार ने 10 सितंबर, 2025 को आरोपी के साथ पांच साल का पट्टा समझौता किया था। इसके तहत मासिक किराया करीब 1.8 लाख रुपये तय किया गया था। बयान में कहा गया कि आरोपी द्वारा संपत्ति का नवीनीकरण कराए जाने के बाद परिसर के इस्तेमाल और कुछ सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर मतभेद पैदा हो गए।
बयान में कहा गया कि इन मुद्दों को सुलझाने के लिए सोमवार को होटल में एक बैठक निर्धारित की गई थी। हालांकि, बैठक शुरू होने से पहले ही बहस बढकर मारपीट में बदल गई, जिसके बाद गोगोई ने छह लोगों पर गोली चला दी।