OPINION : MLC चुनाव तो बैलेट से हुए, फिर भी कांग्रेस क्यों हारी, एक विश्लेषण

Author: Navabharat News Group
UPDATED: Wed, 28 Oct 2026 08:44 PM
OPINION : MLC चुनाव तो बैलेट से हुए, फिर भी कांग्रेस क्यों हारी, एक विश्लेषण
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कर्नाटक में कांग्रेस की चारों सीटों पर हार चौंकाने वाली है। सिद्धरामैया के हटने के बाद डी. के. शिवकुमार का पहला इम्तिहान था। वो फेल हो गए। बाकी राज्यों में भी कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली।

बैलट पेपर से चुनाव हुए तो भी कांग्रेस की हार बताती है कि समस्या EVM में या वोटर लिस्ट में नहीं है। वैसे तो MLC चुनाव पर इतनी चर्चा नहीं होती, इस चुनाव में शिक्षक या स्नातक वोट डालते हैं। बस इतना पता चलता है कि पढ़े-लिखे लोग किस पार्टी के साथ हैं,लेकिन यूपी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, इसीलिए BJP और समाजवादी पार्टी ने इस बार इन चुनावों में पूरी ताकत लगाई।

यूपी में जो जीता, वो MLC चुनाव के नतीजों को आने वाले विधानसभा चुनाव का trend बता रहा है, जो हारा, चुनाव आयोग पर इल्ज़ाम लगा रहा है। उत्तर प्रदेश में मिले जुले नतीजे आने वाले विधान सभा चुनाव को और भी कांटे का बना देंगे। उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों के लिए मतगणना चल रही है। लखनऊ शिक्षक खंड में भाजपा के उमेश द्विवेदी लगातार तीसरी बार जीते गए हैं। यहां पर नंबर दो सपा के सुशील कुमार रहे। वाराणसी में सपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है, मेरठ में दोनों सीटों पर कमल खिला है। बरेली में भी भाजपा का परचम रहा। आगरा में भी सपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है। झांसी-इलाहाबाद सीट पर भी सपा ने जीत दर्ज कर ली है। गोरखपुर में भी भाजपा ने जीत दर्ज की है।

बिहार में भी MLC के चुनाव को लेकर घमासान है क्योंकि यहां प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी की ताक़त का इम्तिहान था। BJP अध्यक्ष नितिन नवीन की बांकीपुर विधानसभा सीट जीतकर प्रशांत किशोर ने बहुत बड़ा मैदान मारा था। अब अगर MLC चुनाव में वो शिक्षित वोटरों की एक-दो सीट जीत लेते हैं, तो उनका सिक्का जम जाएगा। आप देखेंगे कि महाराष्ट् में भी MLC चुनाव हुए, लेकिन वहां इतनी मारामारी नहीं हुई। वहां अपेक्षित नतीजे आए।

कांग्रेस के लिए कर्नाटक की हार इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि कर्नाटक ही कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का गृह राज्य है. स्वयं राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे के गृह जिले कलबुर्गी के क्षेत्र में आने वाली उत्तर-पूर्व की शिक्षक सीट पर भी कांग्रेस को हार मिली है. दिल्ली में सत्ता को चुनौती देने के लिए कर्नाटक से ही कांग्रेस को लगातार ईंधन मिलता रहा है. ऐसे में यह हार कांग्रेस को आगामी चुनावों से पहले एक कांटे की तरह चुभने का काम करेगी.

कुछ समय पहले ही में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद पर बदलाव किया था. जहां उन्होंने अनुभवी और राज्य में प्रभावी सिद्धारमैया को हटाकर कई साल से मुखमंत्री पद की आस लगाए बैठे डी के शिवकुमार को कमान सौंपी थी. डी के शिवकुमार के लिए मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहली चुनावी हार मिली है. इसके बाद उनके नेतृत्व पर सवाल उठना भी शुरू हो गया है. BJP के दिग्गज नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने इस हार के बाद डी के शिवकुमार को इस्तीफा देने की सलाह दी है. उन्होंने कहा है कि “हम चारों सीटें जीत गए हैं, CM डी.के. शिवकुमार तुरंत इस्तीफा दे देंगे!”

क्या रहा MLC चुनाव का परिणाम?

उत्तर प्रदेश में MLC चुनाव में 11 सीटों में से 6 के नतीजे घोषित हो चुके हैं। बीजेपी को 4 और सपा को 2 सीटों पर जीत मिली है।

बिहार में 4 शिक्षक (MLC) सीट पर रिजल्ट घोषित हो चुका है जिसमें RJD 1, जनसुराज 1, बीजेपी 1 सीट पर जीती है। एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार का कब्जा है।

महाराष्ट्र की 5 MLC सीटों पर हुए चुनाव में महायुति को दो और एमवीए को एक सीट पर जीत मिली है।

वहीं, कर्नाटक की सभी 4 सीटों पर NDA की जीत ने कांग्रेस को हिलाकर रख दिया है।

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