मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन का प्रस्तावित सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम मौसम खराब होने के कारण टाल दिया गया है। यह आयोजन खरगे के आवास पर होने वाली थी। इसमें विपक्ष एसआईआर, वोट चोरी और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे उठाने वाले थे। आइए जानते हैं कि इस कार्यक्रम की नई तारीख क्या है?
सूत्रों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘सार्वजनिक महाभियोग’ का कार्यक्रम, जो शुक्रवार को यहां आयोजित होने वाला था, शहर के मौसम को देखते हुए टाल दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि अब यह ‘सार्वजनिक महाभियोग’ 31 अक्तूबर को होने की संभावना है। यह तारीख विपक्षी गठबंधन की रामलीला मैदान में होने वाली रैली से एक दिन पहले की है, जो मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) और मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) के खिलाफ आयोजित की जा रही है। बता दें कि विपक्षी गठबंधन को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब और तालकटोरा स्टेडियम जैसी अन्य जगहें नहीं मिल पाईं, जिसके बाद इस जगह (खरगे के आवास) को चुना गया था। गुरुवार को हुई इस तैयारी बैठक में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश और के.सी. वेणुगोपाल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मीरा कुमार, टीएमसी के डेरेक ओ’ब्रायन, समाजवादी पार्टी के हरेंद्र मलिक, जेएमएम की महुआ माजी और सीपीआई (एम) के जॉन ब्रिटास समेत कई अन्य नेता शामिल हुए थे।
चुनाव आयोग पर अवधेश प्रसाद का हमला, बोले- लोकतंत्र की जड़ें कमजोर करने की कोशिश
समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के ‘पीपुल्स इम्पीचमेंट’ कार्यक्रम में चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और चुनाव आयोग देश में लोकतंत्र को खत्म करना चाहते हैं। अवधेश प्रसाद ने कहा कि किसी भी देश में लोकतंत्र की मजबूती का आकलन वहां के चुनाव आयोग की निष्पक्षता, ईमानदारी और स्वतंत्रता से किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत का चुनाव आयोग निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से काम नहीं कर रहा है तथा सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहा है।
खरगे के आवास पर जुटने लगे कांग्रेस नेता
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के प्रस्तावित सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम को लेकर दिल्ली में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कार्यक्रम से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर कांग्रेस नेताओं का पहुंचना शुरू हो गया। गठबंधन की ओर से इस आयोजन के जरिए चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपनी आपत्तियां दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।