सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं के अपमान तथा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध की आड़ में घुसपैठियों को भी मतदान का अधिकार दिलाने की कोशिश करने के आरोप लगाते हुए शुक्रवार को इंदौर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकाली।
यात्रा में केंद्रीय खेल एवं युवा कार्य और श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और भारतीय जनता पार्टी के संगठन में राज्य के प्रभारी बिप्लब कुमार देब, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री मांडविया ने कांग्रेस पर संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं का अपमान करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग आज संविधान की किताब लेकर घूम रहे हैं, उनके पूर्वजों ने कभी संविधान का सम्मान नहीं किया।
मांडविया ने कहा कि विपक्षी दल निर्वाचन आयोग पर उंगली उठाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एसआईआर का मतलब मतदाता सूची का शुद्धिकरण है, लेकिन विपक्षी दल घुसपैठियों की मदद के लिए इस प्रक्रिया के खिलाफ एकजुट हो गए हैं। परदेशीपुरा चौराहे से पाटनीपुरा चौराहे के बीच निकाली गई पदयात्रा में शामिल अलग-अलग तबकों के लोगों ने अपने हाथों में राष्ट्रध्वज तिरंगा और भाजपा के झंडे थाम रखे थे। वे ‘लोकतंत्र की है हुंकार, अराजकता की होगी हार’ जैसे नारे लगाते हुए आगे बढ़े। भाजपा ने पदयात्रा में दो लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया।