काठमांडू.नेपाल की पूर्व राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने शनिवार को एक बार फिर कहा कि कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा नेपाल का अभिन्न अंग हैं और इसे लेकर भारत के साथ जो भी विवाद है, उसे कूटनीतिक तरीके से सुलझाया जाना चाहिए. भंडारी ने ‘नेपाली टेरेटरी लिम्पियुधुरा’ नामक पुस्तक के विमोचन के अवसर पर यह बात कही। यह पुस्तक अच्युत गौतम और सुरेंद्र के.सी ने लिखी है.
नेपाल की पूर्व राष्ट्रपति भंडारी ने कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को देश का अभिन्न हिस्सा बताया
Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 14 May 2023 08:20 PM
ऑडियो सुनें
नवभारत डिजिटल टॉप स्टोरी
- 1 तूफान का कहर : उड़ गया एक शख्स, समुद्र में उठी 30 फीट ऊंची लहरें, 77,000 घरों की बिजली कटी, 1286 लोग रेस्क्यू
- 2 आज 11 जिंदगियां खत्म : कार में आग लगने से 5 की मौत, कार-ट्रक की भिड़ंत में छह की मौत
- 3 वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के निर्देश पर रायगढ़ में बनेंगे नए स्कूल, डेढ़ करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत
- 4 हिमाचल को मिलीं 320 नई पीजी मेडिकल सीटें: जानें IGMC शिमला से चंबा तक किस कॉलेज को कितनी सीटें
Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.
लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu