अपने गठन के 27 साल बाद सबसे मुश्किल वक्त का सामना कर रही है इमरान की पार्टी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 28 May 2023 09:11 PM
अपने गठन के 27 साल बाद सबसे मुश्किल वक्त का सामना कर रही है इमरान की पार्टी
ऑडियो सुनें

लाहौर/इस्लामाबाद,. क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी अपने गठन के 27 साल बाद सबसे मुश्किल समय का सामना कर रही है. इस महीने की शुरुआत में, सैन्य प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों के मद्देनजर पीएमएल-एन के नेतृत्व वाली मौजूदा गठबंधन सरकार द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री की पार्टी पर पाबंदी लगाये जाने की संभावना है.

सैन्य प्रतिष्ठानों द्वारा सर्मिथत एवं मुख्यधारा के दल–पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन), पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम पाकिस्तान-फजल (जेयूआई-एफ)–चरमपंथ और ंिहसा को बढ़ाने देने को लेकर इमरान की पार्टी पर प्रतिबंध लगाने के पक्ष में हैं.

रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ पहले ही संकेत दे चुके हैं कि सत्तारूढ़ गठबंधन इमरान की पार्टी पर प्रतिबंध लगाने के लिए संसद में जल्द ही एक प्रस्ताव लाएगा. आसिफ ने पत्रकारों से कहा, ‘‘संघीय सरकार के सभी गठबंधन सहयोगियों को इस मुद्दे पर एकजुट किया जाएगा.’’ इमरान ने 25 अप्रैल 1996 को लाहौर में पार्टी का गठन किया था, जो अब तक के सबसे मुश्किल समय का सामना कर रही है.
खबरों के अनुसार, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के 60 से अधिक नेताओं ने सैन्य प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों का हवाला देते हुए पार्टी और खान से अलग होने की घोषणा की है.

पाकिस्तान के सत्तारूढ़ गठबंधन ने इमरान खान के बातचीत के प्रस्ताव को ठुकराया
पाकिस्तान के सत्तारूढ़ गठबंधन ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बातचीत के प्रस्ताव को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि वार्ता आतंकवादियों से नहीं, बल्कि राजनेताओं से होती है. मीडिया की एक खबर में रविवार को यह जानकारी दी गई है. समाचार पत्र ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की खबर के अनुसार सरकार ने यह भी कहा कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) प्रमुख खान अब खुद राष्ट्रीय सुलह अध्यादेश (एनआरओ) की मांग कर रहे हैं.

खान ने सरकार के साथ बातचीत करने के लिए सात सदस्यीय एक दल का गठन किया है. इसके बाद यह घटनाक्रम सामने आया है.
नौ मई के हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद शुरू की गई कार्रवाई से ‘पीटीआई’ के अस्तित्व को लेकर खतरा पैदा हो गया है. इसके बाद से कई प्रमुख नेता ‘पीटीआई’ को छोड़ चुके हैं. पार्टी छोड़ने वाले प्रमुख नेताओं में महासचिव असद उमर, वरिष्ठ नेता फवाद चौधरी और पूर्व मंत्री शिरीन मजारी शामिल हैं.

अर्धसैनिक रेंजरों द्वारा खान को नौ मई को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय परिसर से गिरफ्तार किये जाने के बाद हिंसक विरोध शुरू हो गया था. उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने खान की गिरफ्तारी के विरोध में लाहौर कोर कमांडर हाउस, मियांवाली एयरबेस और फैसलाबाद में आईएसआई भवन सहित 12 सैन्य प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की थी.

इमरान की पार्टी फर्जी छापे की साजिश रच रही, टैपिंग से उजागर हुआ मामला: पाकिस्तान के मंत्री

पाकिस्तान के गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह ने दावा किया है कि खुफिया एजेंसियों ने फोन टैपिंग में एक बातचीत को उजागर किया है जिससे संकेत मिलता है कि इमरान खान की पार्टी कानून लागू करने वाले अधिकारियों को बदनाम करने की साजिश रच रही है.
सनाउल्लाह ने शनिवार की रात संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि इस कदम का उद्देश्य कानून लागू करने वाली एजेंसियों को अपराध में झूठा फंसाना और बाद में इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उछालना था.

गृह मंत्री ने दावा किया, ”देश की एजेंसियों ने टैपिंग में एक बातचीत को उजागर किया जिससे पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) नेता के घर पर छापा मारने और बलात्कार का फर्जी मामला गढ़ने सहित साजिशों का खुलासा हुआ है.” हालांकि, सनाउल्लाह ने अपने दावों के पक्ष में कोई सबूत नहीं दिया. खान ने रविवार को सनाउल्लाह पर पलटवार करते हुए कहा कि मंत्री साफ तौर पर मीडिया में आने वाली ”खौफनाक कहानियों” को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं.

खान ने ट्वीट किया, ”अगर जेलों में महिलाओं के साथ हो रहे दुर्व्यवहार को लेकर कोई संदेह था तो इस प्रमाणित अपराधी के इस संवाददाता सम्मेलन से ऐसी सभी शंकाएं दूर हो जानी चाहिए.” उन्होंने कहा, ”शासन द्वारा महिलाओं के साथ कभी भी इतना दुर्व्यवहार और उत्पीड़न नहीं किया गया जितना कि इस फासीवादी सरकार द्वारा किया गया जब वे शांतिपूर्वक विरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग कर रही थीं.”

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu