‘भारत के उत्कर्ष को रोका नहीं जा सकता’ : विदेश मंत्री जयशंकर

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 05 Jun 2023 07:51 PM
‘भारत के उत्कर्ष को रोका नहीं जा सकता’ : विदेश मंत्री जयशंकर
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विंडहोक. भारत की मजबूत आर्थिक प्रगति, विदेशों में उसके सुदृढ़ संबंधों और अंतरराष्ट्रीय जगत में देश के प्रति प्रवासी भारतीय समुदाय के समर्थन को रेखांकित करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत के उत्कर्ष को रोका नहीं जा सकता और वह विश्व में अपना स्थान हासिल कर रहा है.

जयशंकर रविवार को यहां पहुंचे. वह इस अफ्रीकी देश की यात्रा करने वाले पहले भारतीय विदेश मंत्री हैं. भारतीय समुदाय को यहां संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि कई मायनों में भारत अब एक अधिक सक्षम और अधिक आत्मविश्वास से भरा देश है तथा इस तरह ‘दुनिया भर में इसे अधिक मान्यता मिली है.’ उन्होंने कहा कि भारत सही दिशा में आगे बढ़ रहा है और इस बात को लेकर सचेत है कि आगे काफी चुनौतियां हैं.

मंत्री ने कहा कि विदेश में मजबूत रिश्तों और भारतीय समुदाय के सार्थक योगदान के साथ-साथ देश में होती प्रगति से ” हम बहुत स्पष्ट हैं कि भारत के उत्कर्ष को रोका नहीं जा सकता.” उन्होंने कहा, ” आज हम सबसे अधिक आबादी वाला देश हैं. हम (दुनिया की) पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं और उम्मीद है कि बहुत जल्द ही हम (अर्थव्यवस्था के मामले में) तीसरे स्थान पर पहुंच जाएंगे…आज भारत दुनिया में अपनी जगह बना रहा है और इस पर सभी भारतीयों को बहुत गर्व होना चाहिए. ”

मंत्री ने कहा, ” जब मैं विदेश मंत्री के तौर पर दुनिया (के देशों) में जाता हूं, खासकर अफ्रीका और लातिन अमेरिका और एशिया के अन्य हिस्सों में जाता हूं, तो मैं आपको बता नहीं सकता कि हमारी कितनी ज्यादा साख है.” उन्होंने विदेश में रहने वाले भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि जैसे विदेश में भारतीय प्रवासियों को देश की छवि का लाभ मिलता है, वैसे ही भारत को भी विदेश में प्रवासी भारतीयों की छवि का फायदा मिलता है.

जयशंकर ने ओडिशा के बालासोर जिले में शुक्रवार को ट्रेन हादसे में जनहानि पर भी दुख जताया. इस हादसे में 275 लोगों की मौत हुई है और करीब 1200 लोग जख्मी हुए हैं. उन्होंने कहा कि कई वैश्विक नेताओं ने भारत के साथ एकजुटता व्यक्त की है और यह दिखाता है कि कैसे दुनिया देश के साथ खड़ी है.

जयशंकर ने कहा, ” दुनिया भर के बहुत सारे नेताओं और यहां (नामीबिया) के विदेश मंत्री ने भी एकजुटता व्यक्त की है और संवेदनाएं भेजी हैं.” उन्होंने कहा, ” मुझे दुनिया भर के (देशों के) विदेश मंत्रियों और दोस्तों से कई संदेश मिले. प्रधानमंत्री को भी ढेर सारे संदेश मिले. आज की दुनिया कितनी वैश्वीकृत है और भारत के साथ दुनिया कैसे जुड़ी हुई है, यह इसका एक उदाहरण है.” मंत्री ने कहा, ” भारत में एक त्रासदी हुई और दुनिया ने भारत के साथ खड़े होने का फैसला किया.”

जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 2018 की अफ्रीका यात्रा का जिक्र किया . उन्होंने उस वक्त दिए गए प्रधानमंत्री के बयान का हवाला देते हुए कहा ” हम (भारत) यहां (अफ्रीका में) हैं लेकिन जो यहां आ चुके हैं, उनसे हम अलग हैं. अंतर यह है कि हम यहां आपको सुनने के लिए हैं. आपसे यह पूछने के लिए कि आपकी जरूरतें क्या हैं और हम जो कुछ भी करेंगे वह आपकी प्राथमिकताओं की प्रतिक्रिया में होगा.” उन्होंने कहा, ” जब मैं आज भारत-अफ्रीका संबंधों पर नज.र डालता हूं, तो मैं जो बड़ा बदलाव देखता हूं वह यह है कि हम (भारत) एक जिम्मेदार भागीदार के रूप में देखे जाते हैं.” उन्होंने दोनों देशों के बीच सहयोग की विभिन्न परियोजनाओं पर भी प्रकाश डाला. जयशंकर ने कहा कि नामीबिया चीतों को स्थानांतरित करने की बहुत ही रोचक पहल में भारत का पहला भागीदार है.

मंत्री ने कहा, ” हमें लगता है कि यह अब एक बड़ी पहल बन गया है. ‘बिग कैट एलायंस’ नाम की कोई चीज है जिसमें ऐसे सभी देश जिनके पास बाघ, शेर और विभिन्न प्रकार के चीते हैं, वे एक साथ मिलकर यह देखने की कोशिश कर रहे हैं कि कैसे एक साथ काम करके हम वास्तव में दुनिया भर में ‘बिग कैंट’ की संख्या बढ़ा सकते हैं.” एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार के लिए यह अहम है कि भारतीय कंपनियां निवेश कर सकें, निर्माण कर सकें, विदेशों में काम कर सकें और वह नामीबिया के नेतृत्व के साथ इस बात पर चर्चा करेंगे कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय निवेश संरक्षण समझौता क्यों न किया जाए. उन्होंने कहा, ” मैं इसे (समझौते को) दुनिया के सभी 195 देशों के साथ करना चाहूंगा क्योंकि आज भारत वह भारत नहीं है जो घर पर बैठा रहता है. यह एक ऐसा भारत है जो विदेश जा रहा है.”

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