यदि समान नागरिक संहिता लागू हुआ तब आदिवासी संस्कृति का क्या होगा : भूपेश बघेल

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 27 Jun 2023 07:47 PM
यदि समान नागरिक संहिता लागू हुआ तब आदिवासी संस्कृति का क्या होगा : भूपेश बघेल
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रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने समान नागरिक संहिता पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयान के बाद मंगलवार को सवाल किया कि यदि यह लागू हुआ तब आदिवासियों की संस्कृति और परंपराओं का क्या होगा. प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को भोपाल में पार्टी कार्यकर्ताओं की एक सभा को संबोधित करते हुए समान नागरिक संहिता की जोरदार वकालत की और कहा कि संविधान में सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार होने का भी उल्लेख है.

प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर बघेल ने कहा, ”आप (भाजपा) हमेशा हिंदू-मुस्लिम दृष्टिकोण से क्यों सोचते हैं? छत्तीसगढ़ में आदिवासी हैं. उनकी रूढि.यों और उनके नियमों का क्या होगा, जिनके माध्यम से उनका समाज संचालित होता है. यदि समान नागरिक संहिता लागू हो गया तो उनकी परंपरा का क्या होगा?” उन्होंने कहा कि कई अन्य जातियां भी हैं जो अपने नियमों से चलती हैं और हमारा संविधान भी इसकी इजाजत देता है.

मुख्यमंत्री ने कहा, ”हमारा देश एक खूबसूरत गुलदस्ते की तरह है जिसमें विभिन्न धर्मों को मानने वाले, अलग-अलग भाषा बोलने वाले और विभिन्न संस्कृतियों का पालन करने वाले लोग हैं, हमें उन्हें भी देखना होगा.”

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