राजनीतिक सहयोगियों की जड़ें काटना भाजपा की नीति; जिसने भी हाथ मिलाया, वो तबाह हुआ : शरद पवार

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 05 Jul 2023 07:19 PM
राजनीतिक सहयोगियों की जड़ें काटना भाजपा की नीति; जिसने भी हाथ मिलाया, वो तबाह हुआ : शरद पवार
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मुंबई. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने बुधवार को अजित पवार गुट को आगाह करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी से हाथ मिलाने वाला हर सहयोगी दल ‘राजनीतिक तबाही’ का शिकार हो जाता है और उनका भी यही हश्र होगा.
पवार पार्टी की बैठक को संबोधित कर रहे थे. इससे पहले उनके भतीजे अजित पवार ने अलग बैठक कर अपना शक्ति प्रदर्शन किया.
अजित पवार ने शरद पवार के खिलाफ पिछले दिनों बगावत का बिगुल बजाते हुए भाजपा का दामन थाम लिया और महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री बन बैठे. उनके साथ राकांपा के आठ अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली थी.

शरद पवार ने कहा, ” भाजपा के साथ जिसने भी हाथ मिलाया और सत्ता में हिस्सेदारी की, वो अंतत: राजनीतिक रूप से तबाह ही हुए . अपने राजनीतिक सहयोगियों की जड़ें काटना भाजपा की नीति है. दूसरे राज्यों में इसकी कई मिसालें हैं.” उनका कहना था, ”अकाली दल, भाजपा के साथ लंबे समय से था लेकिन अब कहीं नहीं है. तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और बिहार में यही हालात हुए. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इसका अहसास हो गया था और फिर उन्होंने राजद के साथ गठबंधन कर लिया.”

राकांपा प्रमुख ने कहा, ”अब जो लोग भाजपा के साथ गए हैं, उन्हें ऐसा नहीं सोचना चाहिए कि उनके साथ कुछ अलग होगा.” पवार ने अजित पवार गुट द्वारा उनकी तस्वीर का इस्तेमाल करने को लेकर भी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा, ”अगर वो उधर चले गए हैं तो मेरी तस्वीर का इस्तेमाल क्यों कर रहे हैं? मैं अपनी पार्टी का नाम और चुनाव निशान उनके हाथों में नहीं जाने दूंगा.” भाषा हक

मेरी तस्वीर का इस्तेमाल करने वाले जानते हैं कि उनके पास कुछ और नहीं है: शरद पवार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने अपने भतीजे अजित पवार द्वारा बुलाई गई बैठक से जुड़े मंच पर खुद की तस्वीर लगे होने पर आपत्ति जताते हुए बुधवार को कहा कि जो लोग उनकी तस्वीर का इस्तेमाल कर रहे हैं वो जानते हैं कि उनके पास कुछ और नहीं है. उन्होंने यहां चव्हाण सेंटर में राकांपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. उनकी इस बैठक में पार्टी के करीब एक दर्जन विधायक पहुंचे थे. राकांपा के कुल विधायकों की संख्या 53 है.

पवार ने भाजपा के साथ जाने को लेकर अपने भतीजे अजित पवार की आलोचना की और इस बात का उल्लेख किया कि उनकी पार्टी से जुड़े इस घटनाक्रम से कुछ दिनों पहले ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राकांपा को भ्रष्ट पार्टी बताया था. अजित पवार गुट द्वारा राकांपा के चुनाव चिन्ह पर दावा करने के लिए निर्वाचन आयोग का रुख किए जाने पर शरद पवार ने कहा कि वह किसी को भी पार्टी का चुनाव चिन्ह छीनने नहीं देंगे.

उनका कहना था, ”कुछ दिनों पहले उन्होंने (अजित पवार) मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का यह कहते हुए उपहास उड़ाया था कि इतने वर्षों में ऐसा मुख्यमंत्री नहीं देखा था. लेकिन अब वे शिंदे के साथ चले गए हैं.” पवार ने 1999 में राकांपा के गठन के समय जनता के साथ अपने जुड़ाव को याद करते हुए कहा, ”आज हम भले ही सत्ता में न हों, लेकिन लोगों के दिल में हैं.” अजित पवार रांकापा से बगावत कर शिवसेना-भाजपा सरकार में बतौर उप मुख्यमंत्री शामिल हो गए हैं और उनके साथ पार्टी के आठ विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ले ली है. अजित पवार गुट ने दावा किया है कि पार्टी के कुल 53 विधायकों में से 40 विधायकों का उन्हें समर्थन प्राप्त है.

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