दूसरों को गाली देना, उन्हें बदनाम करना राहुल गांधी की फितरत: भाजपा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 07 Jul 2023 08:37 PM
दूसरों को गाली देना, उन्हें बदनाम करना राहुल गांधी की फितरत: भाजपा
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नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ‘मोदी उपनाम’ वाली टिप्पणी को लेकर आपराधिक मानहानि मामले में राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर रोक लगाने का अनुरोध करने संबंधी उनकी याचिका खारिज करने के गुजरात उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए शुक्रवार को आरोप लगाया कि दूसरों को गाली देना और उन्हें बदनाम करना कांग्रेस नेता की फितरत है.

भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता ने ‘मोदी उपनाम’ वाले अपने बयान के लिए माफी मांगने से इनकार कर ‘गैरजिम्मेदाराना अहंकार’ दिखाया. प्रसाद ने कहा कि अगर वह इस तरह का व्यवहार करते हैं और लोगों एवं संस्थानों को बदनाम करते हैं तो कानून उन्हें छोड़ेगा नहीं. उन्होंने कहा कि जो लोग दावा कर रहे हैं कि गांधी की सजा कठोर है तो उन्हें जवाब देना चाहिए कि पूर्व सांसद ने इतना कठोर अपराध क्यों किया. प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ मानहानि के 10 मामले हैं.

प्रसाद ने कहा, ”आज का निर्णय विधि सम्मत है, उचित है और स्वायत योग्य है.” इससे पहले, गुजरात उच्च न्यायालय ने राहुल गांधी की याचिका खारिज करते हुए कहा कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष पहले ही देशभर में 10 मामलों का सामना कर रहे हैं और निचली अदालत का उन्हें दोषी ठहराने का आदेश ‘न्यायसंगत, उचित और वैध’ है. अदालत ने कहा कि दोषसिद्धि पर रोक लगाने का कोई तर्कसंगत कारण नहीं है.

वरिष्ठ भाजपा नेता प्रसाद ने कहा कि अगर राहुल गांधी लोगों को अपमानित करना अपना अधिकार समझते हैं तो कानून भी है, जो उनसे निपटेगा…अपमानित होने वाले का भी अधिकार है कि वह न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाए. उन्होंने कहा, ” राहुल गांधी का अपनी वाणी पर कोई नियंत्रण नहीं है. कुछ भी बोल देंगे आप. अदालत ने उनको माफी मांगने का मौका भी दिया था, लेकिन उन्होंने इससे इंकार कर दिया. यह आपका गैरजिम्मेदाराना अहंकार है.” पूर्व कानून मंत्री ने कहा कि प्रतिष्ठित लोगों और संगठनों को गाली देना और बदनाम करना गांधी की फितरत बन गई है. उन्होंने कांग्रेस नेता पर वी डी सावरकर जैसे ‘महान देशभक्त’ और हिंदुत्व संगठन आरएसएस का अपमान करने का भी आरोप है.

प्रसाद ने कहा कि यह उनका अहंकार है कि वह मानते हैं कि वह कानून से ऊपर हैं क्योंकि वह गांधी परिवार से हैं. उन्होंने भाजपा के इस रुख को दोहराया कि कांग्रेस नेता ने मोदी उपनाम वाले लोगों को कथित तौर पर चोरों से जोड़कर पिछड़ी जातियों का अपमान किया है. उन्होंने कहा, ”मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि वह राहुल गांधी को नियंत्रित क्यों नहीं कर सकती और उन्हें सही बोलने के लिए प्रशिक्षित क्यों नहीं कर सकती? सूरत की निचली अदालत ने जब उन्हें माफी मांगने का मौका दिया तो उन्होंने कहा कि ‘मैं सावरकर नहीं हूं कि माफी मांग लूंगा’.” पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह वास्तव में दिखाता है कि राहुल गांधी के मन में देश के एक ‘महान देशभक्त’ के खिलाफ कितनी नफरत है.

कांग्रेस के कुछ नेताओं की इस टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कि उनकी पार्टी भाजपा से राजनीतिक रूप से लड़ेगी, प्रसाद ने कहा कि सत्तारूढ. पार्टी उनका मुकाबला करने के लिए तैयार है. उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगामी चुनावों में फिर से लोकप्रिय समर्थन हासिल करेंगे.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं का कोई भी आक्षेप कि गांधी की दोषसिद्धि के लिए भाजपा जिम्मेदार है, न्यायपालिका का अपमान है.
गुजरात में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक पूर्णेश मोदी द्वारा दायर 2019 के मामले में सूरत की मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अदालत ने 23 मार्च को राहुल गांधी को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 499 और 500 (आपराधिक मानहानि) के तहत दोषी ठहराते हुए दो साल जेल की सजा सुनाई थी.

फैसले के बाद गांधी को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत संसद की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया था. राहुल गांधी 2019 में केरल के वायनाड से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए थे. राहुल गांधी ने 13 अप्रैल, 2019 को कर्नाटक के कोलार में एक चुनावी रैली के दौरान टिप्पणी की थी कि ”सभी चोरों का समान उपनाम मोदी ही क्यों होता है?” इस टिप्पणी को लेकर विधायक ने गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया था.

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