यादवपुर विश्वविद्यालय के छात्र की मौत से केंद्र चिंतित, यूजीसी से कड़ी कार्रवाई के लिए कहा गया: प्रधान

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 20 Aug 2023 09:10 PM
यादवपुर विश्वविद्यालय के छात्र की मौत से केंद्र चिंतित, यूजीसी से कड़ी कार्रवाई के लिए कहा गया: प्रधान
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कोलकाता. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को कहा कि केंद्र ने यादवपुर विश्वविद्यालय में कथित तौर पर रैगिंग और यौन उत्पीड़न के बाद एक छात्र की मौत के मामले को ”गंभीरता” से लिया है. प्रधान ने कहा कि उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से मामले में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करने को कहा है.

बांग्ला भाषा विभाग में स्नातक प्रथम वर्ष के छात्र 17 वर्षीय किशोर की पाठ्यक्रम में प्रवेश के महज तीन दिन बाद ही एक छात्रावास में मौत होने की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि यह घटना बहुत चिंताजनक है. उन्होंने कहा, ”मैंने यूजीसी से कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई करने को कहा है.” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किशोर छात्र की जान रैगिंग के कारण गई और कहा कि इस समस्या के खिलाफ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों के अनुसार जो भी कदम उठाने की जरूरत होगी, वह उठाए जाएंगे.

प्रधान ने यहां एक कार्यक्रम से इतर कहा, ”सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या (विश्वविद्यालय में) कोई एंटी-रैगिंग इकाई थी और यदि हां, तो उसकी गतिविधियां क्या थीं, सीसीटीवी लगे थे या नहीं…छात्रावास में बाहरी लोगों को रहने की इजाजत क्यों दी गई.” आरोप है कि विश्वविद्यालय के कई पूर्व छात्र छात्रावास में रहते हैं और उनमें से एक वर्ग नये छात्रों की रैगिंग करता है.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यूजीसी नौ अगस्त को परिसर के बाहर स्थित लड़कों के मुख्य छात्रावास की दूसरी मंजिल की बालकनी से गिरने के बाद लड़के की मौत पर विश्वविद्यालय अधिकारियों द्वारा दी गई रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है. मंत्री ने कहा कि यूजीसी ने ‘एंटी-रैगिंग’ व्यवस्था पर कुछ सुझाव दिए हैं, जिसमें सीसीटीवी कैमरे लगाना, रैगिंग के मामलों से निपटने के लिए एक अलग इकाई और एक संचार सुविधा बनाना शामिल है.

प्रधान ने कहा, ”विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने विश्वविद्यालय से जवाब मांगा है कि उसने इन सुझावों को लागू करने के लिए क्या कदम उठाए हैं. यूजीसी ने मामले को गंभीरता से लिया है और हमने भी इसे गंभीरता से लिया है.” उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में रैगिंग के लिए कोई जगह नहीं है.

यूजीसी के एक अधिकारी ने दिल्ली में कहा कि यूजीसी ने घटना पर विश्वविद्यालय से प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने के बाद असंतोष व्यक्त किया था और इसे “सामान्य” बताया था. यादवपुर विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने “नियामक ढांचे के भीतर” प्रश्नों का जवाब दिया है.

विश्वविद्यालय के अधिकारी ने कहा, ”हमने उल्लेख किया है कि क्या किया गया था और जो नहीं किया जा सका उसके कारण बताए गए हैं.” यूजीसी के निर्देशानुसार, कोलकाता में प्रतिष्ठित 67 वर्षीय सरकारी विश्वविद्यालय ने स्नातक छात्र की कथित रैगिंग और यौन उत्पीड़न के कारण उसकी मृत्यु के बारे में कई प्रश्नों पर यूजीसी को एक विस्तृत रिपोर्ट भेजी है.

यह पूछे जाने पर कि क्या केंद्र कोई कार्रवाई करेगा, प्रधान ने कहा, “यह एक राज्य विश्वविद्यालय है और पश्चिम बंगाल सरकार को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.” यह मानते हुए कि कई गतिविधियां यूजीसी नियमों के विपरीत थीं, प्रधान ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार के शिक्षा विभाग की इसके प्रति जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा, ”उसे कार्रवाई करनी होगी. यहां की सरकार की जिम्मेदारी है कि वह किसी भी भारत विरोधी और अलोकतांत्रिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करे.”

केंद्रीय मंत्री की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया जताते हुए पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ मंत्री अरूप विश्वास ने कहा कि राज्य प्रशासन किसी की राजनीतिक विचार को ध्यान में रखकर काम नहीं करता है. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “हम किसी भी दोषी के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई करते हैं.” पुलिस ने छात्र की मौत के मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है, इसमें विश्वविद्यालय के पूर्व और वर्तमान छात्र शामिल हैं. किशोर गत 9 अगस्त की रात छात्रावास की दूसरी मंजिल की बालकनी से गिर गया था और अगले दिन अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी.

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