तेदेपा नेता चंद्रबाबू नायडू को शीर्ष अदालत से नहीं मिल पाई राहत, सुनवाई नौ अक्टूबर तक टली

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 03 Oct 2023 09:28 PM
तेदेपा नेता चंद्रबाबू नायडू को शीर्ष अदालत से नहीं मिल पाई राहत, सुनवाई नौ अक्टूबर तक टली
ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली. आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू को मंगलवार को उच्चतम न्यायालय से कोई राहत नहीं मिली. शीर्ष अदालत ने उस याचिका पर सुनवाई नौ अक्टूबर तक के लिए टाल दी, जिसमें कौशल विकास निगम घोटाला मामले में नायडू के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने की उनकी अर्जी खारिज करने संबंधी आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई है.

न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति बेला एम. त्रिवेदी की पीठ ने आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी को मामले के संबंध में उच्च न्यायालय के समक्ष पेश की गई सभी सामग्रियों को रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया. रोहतगी ने कहा कि प्राथमिकी रद्द करने के अनुरोध वाली नायडू की याचिका खारिज कर दी जानी चाहिए, क्योंकि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-17ए के लागू होने का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि यह प्रावधान जुलाई 2018 में आया था, जबकि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 2017 में मामले की जांच शुरू की थी.

धारा 17ए को एक संशोधन के जरिये पेश किया गया था, जो 26 जुलाई, 2018 से लागू हुआ था और प्रावधान में किसी पुलिस अधिकारी के लिए भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत किसी लोक सेवक द्वारा किये गये कथित अपराध की जांच करने के लिए सक्षम प्राधिकारी से पूर्व मंजूरी लेने को अनिवार्य किया गया था.

नायडू की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे, अभिषेक सिंघवी और सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि प्राथमिकी में सभी आरोप नायडू द्वारा मुख्यमंत्री रहते हुए जारी निर्देशों और की गयी सिफारिशों से संबंधित हैं. साल्वे ने कहा, ”यह और कुछ नहीं, बल्कि राजनीतिक मामला है और धारा 17ए मामले में लागू होगी.” उन्होंने कहा कि जांच दिसंबर, 2021 में शुरू हुई थी इसलिए धारा 17ए लागू होगी.

लूथरा ने कहा, “वे उन्हें एक के बाद एक प्राथमिकी में फंसा रहे हैं” और यह सत्ता परिवर्तन का स्पष्ट मामला है. पीठ ने कहा कि वह इस मामले पर अगले सोमवार को सुनवाई करेगी. नायडू (73) को 2015 में मुख्यमंत्री रहते हुए कौशल विकास निगम में धन की हेरा-फेरी करने के आरोप में नौ सितंबर को गिरफ्तार किया गया था, जिससे राज्य के खजाने को कथित तौर पर 371 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था. निचली अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि पांच अक्टूबर तक बढ़ा दी है.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu