‘न्यूज क्लिक’ मामला : दिल्ली पुलिस ने पत्रकार उर्मिलेश और अभिसार शर्मा से दोबारा पूछताछ की

अदालत ने प्राथमिकी की प्रति मुहैया कराने के अनुरोध वाली याचिकाएं मंजूर की

नयी दिल्ली. दिल्ली पुलिस ने समाचार पोर्टल ‘न्यूजक्लिक’ को केंद्र सरकार के बारे में कथित तौर पर फर्जी विमर्श को बढ.ाने के लिए चीन से पैसे मिलने के मामले में बृहस्पतिवार को पत्रकार उर्मिलेश और अभिसार शर्मा से दोबारा पूछताछ की. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

अधिकारियों ने बताया कि दोनों पत्रकार लोधी कॉलोनी स्थित दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ के कार्यालय दोपहर बाद गए और जांच में शामिल हुए. उन्होंने बताया कि दोनों पत्रकारों से अब भी पूछताछ की जा रही है. गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत दायर एक मामले में समाचार पोर्टल ‘न्यूजक्लिक’ के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ और एचआर प्रमुख अमित चक्रवर्ती को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था और उस घटना के दो दिन बाद यह पूछताछ हो रही है.

अधिकारियों ने बताया था कि मंगलवार को ‘न्यूज क्लिक’ से जुड़े 46 पत्रकार और योगदान दाताओं से पूछताछ की गई थी और लैपटॉप एवं मोबाइल फोन सहित डिजिटल उपकरणों तथा दस्तावेजों को जांच के लिए जब्त किया गया था. शर्मा ने मंगलवार की पूछताछ के बाद कहा था कि वह इस कार्रवाई से भयभीत नहीं हैं और सरकार से कड़े सवाल पूछते रहेंगे.

दिल्ली पुलिस द्वारा बुधवार को अदालत में सौंपी गई ‘रिमांड प्रति’ के मुताबिक पुरकायस्थ और उनके सहयोगियों जोसफ राज, अनूप चक्रवर्ती (अमित चक्रवर्ती का भाई) और बप्पादित्य सिन्हा (वच्र्यूनेट सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड के प्रवर्तक) ने गैर कानूनी तरीके से विदेश से धन प्राप्त किया.

पुलिस ने अदालत को बताया, ”यह जानकारी मिली है कि उपरोक्त राशि गौतम नवलखा, तीस्ता सीतलवाड़ से जुड़े जावेद आनंद, तमारा, जिबरान, उर्मिलेश, अरात्रिका हलदर, प्रजंय गुहा ठाकुराता, त्रिना शंकर, अभिसार शर्मा आदि में वितरीत की गई.” अधिकारियों ने कहा कि सभी सदस्यों पर विशेष प्रकोष्ठ की नजर है और उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है.

रिमांड प्रति के मुताबिक यह जानकारी मिली है कि ‘न्यूज क्लिक’ के हिस्सेदार गौतम नवलखा, प्रतिबंधित नक्सली संगठनों का सक्रिय रूप से समर्थन करने जैसी भारत विरोधी और गैर कानूनी गतिविधियों में संलिप्त है और उनका पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट गुलाम नबी के साथ राष्ट्र विरोधी साठगांठ है. पुलिस ने बताया कि प्राथमिकी में सामने आए संदिग्धों के दिल्ली और अन्य राज्यों में स्थित 88 ठिकानों पर मंलगवार को छापेमारी की गयी थी.

अदालत ने प्राथमिकी की प्रति मुहैया कराने के अनुरोध वाली याचिकाएं मंजूर की

दिल्ली की एक अदालत ने आतंकवाद रोधी कानून ‘यूएपीए’ के तहत दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किये गए न्यूजक्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ और मानव संसाधन (एचआर) विभाग प्रमुख अमित चक्रवर्ती की उन याचिकाओं को बृहस्पतिवार को मंजूर कर लिया जिसमें प्राथमिकी की एक प्रति मुहैया कराये जाने का अनुरोध किया गया है.

पुरकायस्थ और चक्रवर्ती को चीन के समर्थन में ‘प्रोपेगेंडा’ चलाने के लिए धन प्राप्त करने के आरोप में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (यूएपीए) के तहत दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किया गया है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरदीप कौर ने दिल्ली पुलिस को दोनों को प्राथमिकी की एक प्रति मुहैया कराने का निर्देश दिया. इस संबंध में विस्तृत आदेश का इंतजार है.

सुनवाई के दौरान चक्रवर्ती के वकील ने दिल्ली पुलिस द्वारा उनके मुवक्किल की गिरफ्तारी का आधार लिखित में बताये जाने का अनुरोध भी किया. उन्होंने कहा कि किसी आरोपी की गिरफ्तारी का आधार बताना एक संवैधानिक सुरक्षा है. वकील ने उच्चतम न्यायालय और दिल्ली उच्च न्यायालय के कुछ फैसलों का हवाला दिया और कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ यूएपीए के तहत कथित अपराध ”गंभीर” हैं लेकिन अभियोजन द्वारा आरोपी को प्राथमिकी की प्रति उपलब्ध कराने से इनकार का कोई वैधानिक आधार नहीं है.

वीडियो कांफ्रेंस के जरिए पेश हुए पुरकायस्थ के वकील ने कहा कि प्राथमिकी की प्रति प्राप्त करना आरोपी का अधिकार है. विशेष लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने उच्चतम न्यायालय के एक फैसले का हवाला दिया और कहा कि आरोपियों को पुलिस आयुक्त के पास जाना होगा जो अनुरोध पर विचार करने के लिए एक समिति गठित करेंगे.

उन्होंने कहा कि आरोपियों को उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित ”प्रक्रिया का चरणबद्ध तरीके” से पालन करना होगा. श्रीवास्तव ने कहा कि आरोपियों ने ”समय से पूर्व’ याचिका दायर की है और वे ”सीधे अदालत का रुख” नहीं कर सकते. उन्होंने कहा, ”हमने गिरफ्तारी का आधार बताया है और हिरासत में लेने की वजहें बतायी है. हमने प्रावधानों का पालन किया है.”

विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) ने हिरासत पेपर का हवाला देते हुए कहा कि आरोपियों ने कश्मीर के बिना भारत के मानचित्र पर चर्चा में शामिल होकर और अरुणाचल प्रदेश को विवादित क्षेत्र के रूप में दिखाने के अलावा देश की एकता और क्षेत्रीय अखंडता को क्षति पहुंचायी. उन्होंने कहा कि विदेशी वित्तपोषण की आड़ में उन्हें 115 करोड़ रुपये मिले.

उन्होंने कहा, ”जब हमने पुलिस हिरासत का अनुरोध किया तो हमने इस अदालत को (गिरफ्तारी का आधार) विधिवत सूचित किया था और आरोपियों को उनके परिवार के सदस्यों और वकील से बात करने की अनुमति दी गई थी.” दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने मंगलवार को पुरकायस्थ और चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया था. पुलिस ने दिल्ली में ‘न्यूजक्लिक’ के कार्यालय को सील भी कर दिया है.

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