नयी दिल्ली. दिल्ली की एक अदालत ने चीनी स्मार्टफोन निर्माता वीवो के खिलाफ धन शोधन मामले में गिरफ्तार लावा इंटरनेशनल मोबाइल कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) और एक चीनी नागरिक समेत चार लोगों की हिरासत शुक्रवार को तीन दिन के लिए बढ़ा दी.
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार जंगला ने आरोपियों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तीन दिन की हिरासत में भेज दिया. ईडी ने आगे की पूछताछ के लिए आरोपियों की 10 दिन की हिरासत का अनुरोध किया था. अदालत ने 10 अक्टूबर को आरोपियों को तीन दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया था.
चारों आरोपियों-लावा इंटरनेशनल कंपनी के एमडी हरिओम राय, चीनी नागरिक गुआंगवेन उर्फ एंड्रयू कुआंग और चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) नितिन गर्ग और राजन मलिक को उनकी हिरासत की अवधि समाप्त होने पर शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया. अभियोजन पक्ष ने उनकी हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया, ताकि उनसे आगे की पूछताछ की जा सके. अभियोजन पक्ष ने कहा कि साक्ष्य के संबंध में उनका 13 गवाहों से आमना-सामना कराया जाना है.
बचाव पक्ष के वकील ने ईडी की अर्जी का विरोध करते हुए दावा किया कि केंद्रीय एजेंसी ”प्रक्रियाओं का घोर उल्लंघन” कर रही है.
चारों आरोपियों को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत हिरासत में लिया गया. ईडी ने पिछले साल जुलाई में कंपनी और उससे जुड़े व्यक्तियों पर छापा मारा था, जिसमें चीनी नागरिकों और कई भारतीय कंपनियों से जुड़े एक बड़े धन शोधन रैकेट का भंडाफोड़ करने का दावा किया गया था. ईडी ने तब आरोप लगाया था कि भारत में करों के भुगतान से बचने के लिए वीवो द्वारा 62,476 करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि ”अवैध रूप से” चीन को अंतरित की गई थी.