खरगे ने भूख सूचकांक में भारत के 111वें स्थान पर पहुंचने को लेकर सरकार पर निशाना साधा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 13 Oct 2023 07:50 PM
खरगे ने भूख सूचकांक में भारत के 111वें स्थान पर पहुंचने को लेकर सरकार पर निशाना साधा
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नयी दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने वैश्विक भूख सूचकांक में भारत के 111वें स्थान पर पहुंचने को लेकर शुक्रवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सरकार को भले ही वैश्विक आंकड़े से ‘एलर्जी’ है, लेकिन भारतीय आंकड़े भी कहते हैं कि लोग भूखे रह रहे हैं.

‘वैश्विक भूख सूचकांक-2023’ के मुताबिक भारत दुनिया के 125 देशों में 111वें स्थान पर है. सरकार ने इस सूचकांक को खारिज करते हुए इसे त्रृटिपूर्ण और दुर्भावनापूर्ण मंशा से जारी किया गया करार दिया. वैश्विक भूख सूचकांक-2023 बृहस्पतिवार को जारी किया गया जिसके मुताबिक देश में ‘चाइल्ड वेस्टिंग’ की दर सबसे अधिक 18.7 प्रतिशत है जो अतिकुपोषण को इंगित करता है.

खरगे ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया, ”मोदी सरकार को किसी भी महत्वपूर्ण वैश्विक डेटा से एलर्जी है, लेकिन भारतीय डेटा भी कहता है कि हमारे लोग भूखे रह रहे हैं! मोदी सरकार इस बात से इनकार कर सकती है कि वैश्विक भूख सूचकांक में भारत का स्थान 2022 में 121 देशों में से 107वां था जो 2023 में 125 देशों में 111वें पर पहुंच गया.”

उन्होंने सवाल किया, ”क्या यह सच नहीं है कि पांच साल से कम उम्र के 35.5 प्रतिशत बच्चे तुलनात्मक रूप से छोटे कद के है? इसका मतलब यह कि उम्र के साथ उनकी लंबाई नहीं बढ़ी है. क्या यह सच नहीं है कि भारत में 19.3 प्रतिशत बच्चे कमज़ोर हैं? इसका मतलब है कि उनका वजन उनके कद के संदर्भ में राष्ट्रीय औसत से कम है.”

खरगे का कहना था, ”क्या यह गलत है कि हमारी 15 से 49 वर्ष की आयु की 57 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं? क्या यह झूठ है कि मोदी सरकार के बजट (2023-24) में खाद्य सब्सिडी में 31.28 प्रतिशत की आश्चर्यजनक कमी देखी गई, यानी इसकी एक तिहाई राशि कम कर दी गई?”

उन्होंने यह सवाल भी किया कि क्या यह सच नहीं है कि 74 प्रतिशत भारतीय भाजपा द्वारा थोपी गई कमर तोड़ महंगाई के कारण स्वस्थ आहार लेने में सक्षम नहीं हैं? कांग्रेस अध्यक्ष के अनुसार, मोदी सरकार यह भी दावा कर सकती है कि 80 करोड़ भारतीयों को खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह संख्या भी 14 करोड़ कम है, क्योंकि 2021 की जनगणना अब तक नहीं हुई है. खरगे ने कहा, ” यह कांग्रेस-संप्रग (सरकार) ही थी जो प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी जी के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 लेकर आई. भाजपा ने इसका विरोध किया था.”

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