नयी दिल्ली. राष्ट्रीय मूल्यांकन नियामक ‘परख’ द्वारा पहला राज्य शिक्षा उपलब्धि सर्वेक्षण तीन नवंबर को किया जाएगा और इसमें देश भर के 1.1 करोड़ विद्यार्थियों को शामिल जाएगा. अधिकारियों ने यह जानकारी दी है. विभिन्न राज्यों में किए जाने वाले इस सर्वेक्षण का उद्देश्य शिक्षा के उन क्षेत्रों की पहचान करना है जहां सुधार की जरूरत है और इसमें ब्लॉक स्तर तक के स्कूलों के विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा. यह शिक्षा मंत्रालय के वार्षिक राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस) से पहले किया जाने वाले सर्वेक्षण है. एनएएस जिला स्तर पर किया जाता है.
मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि यह ‘प्रदर्शन मूल्यांकन, समीक्षा एवं समग्र विकास के लिए ज्ञान का विश्लेषण’ (परख) द्वारा कराया जाने वाला पहला सर्वेक्षण होगा. ‘परख’ एनसीईआरटी के तहत आने वाला एक संगठन है.
‘परख’ को राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के स्कूल बोर्डों को एक साझा मंच पर लाने का जिम्मा सौंपा गया है.
राज्य शिक्षा उपलब्धि सर्वेक्षण (एसईएएस) 2023 तीन नवंबर को निर्धारित है. इस सर्वेक्षण की योजना इस तरह से बनाई गई है कि यह तीसरी, छठी और नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए सीखने के मानकों को बढ़ाए. ब्लॉक स्तर पर संचालित होने वाले इस सर्वेक्षण में शिक्षा के मूलभूत, प्रारंभिक और मध्य चरणों तक की क्षमताओं की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है. अधिकारियों के अनुसार, एसईएएस विशिष्ट और आधारभूत मूल्यांकन को पेश करेगा, जो रटने से लेकर क्षमता-आधारित शिक्षा तक क्रमिक बदलाव को चिह्नित करेगा.
उन्होंने कहा कि क्षमता-आधारित शिक्षा को अपनाने से विद्यार्थियों के समग्र विकास को बढ़ावा मिलने की संभावना है. अधिकारियों के मुताबिक, ये प्रयास भावी पीढि.यों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के लिए सर्मिपत हैं. उन्होंने कहा कि यह सर्वेक्षण इस आकांक्षा को साकार करने में अमूल्य साबित होगा.
‘परख’ की प्रमुख और सीईओ इंद्राणी भादुड़ी ने कहा, ” इस प्रयास के मूल में यह विश्वास है कि प्रत्येक बच्चा सर्वांगीण शिक्षा का हकदार है. हमारी क्षमता-आधारित मूल्यांकन प्रणाली का लक्ष्य न सिर्फ यह आकलन करना है कि छात्र क्या जानते हैं, बल्कि यह भी देखना है कि वे उस ज्ञान को वास्तविक दुनिया के परिदृश्यों में कितनी अच्छी तरह इस्तेमाल कर सकते हैं.”
भादुड़ी एनसीईआरटी के एनएएस प्रकोष्ठ की प्रमुख भी हैं. एनएएस राज्य के सरकारी स्कूलों, सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों, गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों और और केंद्र सरकार के स्कूल में पढ़ने वाले तीसरी, पांचवीं, आठवीं और 10वीं कक्षाओं के विद्यार्थियों की सीखने की उपलब्धि के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मूल्यांकन करता है. यह कवायद बड़े पैमाने पर की जाती है. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ साझेदारी में, ‘परख’ देश भर में 1.1 करोड़ से अधिक छात्रों का मूल्यांकन करने की दिशा में काम कर रहा है.