यरूशलम/वाशिंगटन. कनाडा मूल की मशहूर इजराइली कार्यकर्ता विवियन सिल्वर के गत सात अक्टूबर को किये गये हमास के हमले में मारे जाने की पुष्टि हुई है. सिल्वर ने फलस्तीनी लोगों के साथ शांतिपूर्ण संबंध के लिए अपना जीवना सर्मिपत कर दिया था. सिल्वर 1970 के दशक में इजराइल आ गईं और किबुत्ज बीरी में अपना ठिकाना बनाया. हमास के हमले के बाद 38 दिनों तक यह माना जाता रहा कि वह गाजा पट्टी में रखे गए लगभग 240 बंधकों में से एक थीं, लेकिन उनके परिवार को सोमवार को उनकी मौत की सूचना दी गई.
हमले में बुरी तरह से जले हुए कुछ अवशेषों की पहचान धीरे-धीरे हो रही है.
सिल्वर के बेटे योनातन जीगेन ने मंगलवार को इजराइली रेडियो को बताया, ”वह एक तरफ बहुत छोटी और कोमल थीं, तो दूसरी तरफ प्रकृति की एक शक्ति थीं. वह बहुत दृढ. निश्चयी थीं. दुनिया और जीवन के बारे में उनकी मजबूत धारणा थी.”
हमास के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों के तीसरे दौर में ईरान से गाजा के धन हस्तांतरण पर ध्यान
अमेरिका ने मंगलवार को कहा कि उसने हमास के अधिकारियों के एक समूह, फलस्तीनी इस्लामिक जिहाद के सदस्यों पर तीसरे दौर के प्रतिबंध लगाए हैं जो ईरान से गाजा में धन भेजने का काम करते हैं. अमेरिका ने एक लेबनानी मुद्रा विनिमय सेवा पर भी रोक लगा दी है. अमेरिका के वित्त विभाग की ओर से ये पाबंदियां ब्रिटेन के साथ समन्वय से लगाई गई हैं. हमास द्वारा सात अक्टूबर को इजराइल पर किए गए अचानक हमले के जवाब में यह कदम उठाया गया है.
इन पाबंदियों के तहत चिह्नित लोगों और कंपनियों के अमेरिकी लोगों के साथ कारोबार करने पर रोक होगी. वित्त विभाग ने कहा कि हमास और उसके सहयोगियों के खिलाफ तीन दौर की पाबंदियों का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय वित्त प्रणाली का हमास के चरमपंथियों द्वारा दुरुपयोग होने से रोकना है. वित्त मंत्री जेनेट येलेन ने ईमेल से भेजे गए एक बयान में कहा कि हम अपने साझेदारों के साथ हमास के वित्तीय ढांचे को कमजोर करने, उन्हें बाहरी वित्तपोषण से अलग-थलग करने और उनके वित्तपोषण के नये ‘चैनलों’ पर रोक लगाने के लिए निर्णायक तरीके से काम कर रहे हैं.