नयी दिल्ली/चंडीगढ. भारत के ‘सर्वाधिक वांछित’ अपराधियों में शामिल खालिस्तानी आतंकवादी और जरनैल सिंह भिंडरावाले के भतीजे लखबीर सिंह रोडे की पाकिस्तान में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि खालिस्तानी अलगाववादी आंदोलन के पीछे 72 वर्षीय रोडे का दिमाग था. सैन्य कार्रवाई में 1984 में भिंडरावाले की मौत के बाद उसका यह भतीजा पाकिस्तान भाग गया था.
अधिकारियों ने बताया कि सिंह का पैतृक गांव मोगा जिले के रोडे में था. सिंह की दिल का दौरा पड़ने से रावलपिंडी के एक अस्पताल में मौत हो गई. कुछ खबरों के मुताबिक उसकी मौत सोमवार को हुई जबकि अन्य से संकेत मिलता है कि उसने शनिवार को अंतिम सांस ली.
प्रतिबंधित खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट का स्वयंभू प्रमुख विभिन्न मामलों में आरोपी था और भारत के अनुरोध पर इंटरपोल द्वारा उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था. वह पंजाब में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सीमा पार से भारत में हथियार और विस्फोटक की खेप भेजने में सक्रिय रूप से लगा हुआ था.
सुरक्षा एजेंसियों द्वारा तैयार किए गए उसके डोजियर के मुताबिक, पंजाब पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए विभिन्न आरोपियों ने पूछताछ के दौरान कहा था कि वे रोडे के संपर्क में थे और खालिस्तान आंदोलन के लिए विध्वंसक गतिविधियों के लिए और अति महत्वपूर्ण व्यक्तियों (वीवीआईपी) और राजनीतिक नेताओं को निशाना बनाने के अलावा लोगों को आतंकित करने के लिए उसके कहने पर हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटकों की खेप भारत लाए थे.
डोजियर में कहा गया कि प्रतिबंधित आतंकवादी समूह ‘इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन’ के प्रमुख सिंह ने ब्रिटेन, जर्मनी, कनाडा और अमेरिका में अपने कार्यालय खोले थे और ह्लहिंसक तरीकों से खालिस्तानह्व का प्रचार कर रहा था. दुबई से पंजाब लौटने के बाद वह 1982 में खालिस्तान आंदोलन में शामिल हो गया. 1984 में स्वर्ण मंदिर में सैन्य कार्रवाई के बाद सिंह नेपाल भाग गया जहां से उसने 1986 में फिर से अपना ठिकाना दुबई में स्थानांतरित कर लिया.
कनाडा में अपने परिवार को बसाने के बाद, सिंह लाहौर आ गया जहां वह 1991 से रह रहा था. वह उन 20 सर्वाधिक वांछित आतंकवादियों में से एक था जिनके प्रत्यर्पण की मांग भारत ने 13 दिसंबर 2001 को जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) आतंकवादियों के पांच सदस्यीय समूह द्वारा संसद पर हमले के मद्देनजर पाकिस्तान से की.
खालिस्तानी आतंकवादी रोडे का सहयोगी पंजाब में गिरफ्तार
पंजाब पुलिस ने मृत खालिस्तानी आतंकवादी लखबीर सिंह रोडे के एक सहयोगी को अमृतसर हवाई अड्डे से गिरफ्तार करने का दावा किया. वह फर्जी पासपोर्ट के जरिये ब्रिटेन के लिए उड़ान में सवार होने जा रहा था. पुलिस ने बताया कि रोडे का सहयोगी परमजीत सिंह उर्फ ढाडी आतंकवादी गतिविधियों के वित्तपोषण और अन्य अवैध गतिविधियों में कथित तौर पर शामिल है.
भारत के ‘सर्वाधिक वांछित’ अपराधियों में शामिल और जरनैल सिंह भिंडरावाले के भतीजे रोडे की पाकिस्तान में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई है. पंजाब पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ के जरिए बताया कि एसएसओसी (राज्य विशेष अभियान प्रकोष्ठ) अमृतसर ने ब्रिटेन में रहने वाले परमजीत सिंह उर्फ ढाडी को अमृतसर हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल कर ली.
यादव ने कहा, ”प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन आईएसवाईएफ (इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन) के प्रमुख लखबीर रोडे का सहयोगी ढाडी पंजाब में आतंकवादी गतिविधियों के वित्तपोषण एवं अन्य विनाशकारी गतिविधियों में शामिल रहा है.” पुलिस प्रमुख ने कहा कि आतंकवादी नेटवर्क का पता लगाने और उसे बेनकाब करने के लिए जांच चल रही है. उन्होंने ढाडी की गिरफ्तारी को क्षेत्र में शांति भंग करने की कोशिश कर रहे आतंकवादी मॉड्यूल के लिए एक ”बड़ा झटका” बताया.
अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि भारतीय कानून के तहत घोषित आतंकवादी रोडे की हाल ही में पाकिस्तान में मौत हो गई. साल 1984 में सेना की कार्रवाई में अपने चाचा जरनैल सिंह भिंडरावाले के मारे जाने के बाद रोडे ने पाकिस्तान में शरण ली थी.
रोडे का पैतृक गांव मोगा जिले के रोडे में है. उसकी दिल का दौरा पड़ने से रावलपिंडी के एक अस्पताल में मौत हो गई थी. कुछ खबरों में कहा गया है कि उसकी मौत सोमवार को हुई, जबकि कुछ अन्य से संकेत मिलता है कि उसकी मौत शनिवार को हुई.
प्रतिबंधित संगठन ‘खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट’ का स्वयंभू प्रमुख विभिन्न मामलों में आरोपी था और भारत के अनुरोध पर इंटरपोल द्वारा उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था. वह प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन ‘इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन’ का भी सरगना था.
एसएसओसी के अतिरिक्त महानिरीक्षक सुखमिंदर सिंह मान ने कहा कि ढाडी को आव्रजन अधिकारियों ने सोमवार को अमृतसर के श्री गुरु राम दास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर हिरासत में लिया, “जब वह पंजाब सिंह के नाम पर ब्रिटिश पासपोर्ट पर ब्रिटेन के लिए उड़ान में सवार होने जा रहा था.” मान ने बयान में बताया कि बाद में आरोपी को अमृतसर के एसएसओसी के पुलिस थाने में दो सितंबर 2021 को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), विस्फोटक अधिनियम, शस्त्र अधिनियम, स्वापक औषधि और मन? प्रभावी पदार्थ अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के विभिन्न प्रावधानों के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तार किया गया था.
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच के दौरान यह पता चला कि ढाडी नियमित रूप से लखबीर सिंह रोडे के संपर्क में था. वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ”आरोपी अक्सर पाकिस्तान जाया करता था और रोडे के निर्देश पर, वह सोशल मीडिया मंच का उपयोग करके युवाओं की पहचान करता और उन्हें आतंकवादी गतिविधियों का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित करता था.”