नयी दिल्ली. कांग्रेस ने मंगलवार को दावा किया कि देश में गेहूं संकट पैदा हो गया है जिसके चलते सरकार गेहूं आयात करने पर विचार कर रही है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने उस खबर का हवाला देते हुए सरकार पर निशाना साधा जिसमें कहा गया है कि घरेलू बाजार में कीमतों में उछाल के कारण वह रूसी गेहूं के आयात की अनुमति दे सकती है.
रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) ने पिछले साल अपनी छवि चमकाने के लिए दावा किया था कि भारत दुनिया का पेट भरने में सक्षम है. उन्होंने गेहूं के निर्यात की खुली छूट दी. फिर अपने ही देश में गेहूं संकट उत्पन्न हो गया.” उन्होंने दावा किया, ”2022 का अंत आते-आते गेहूं का भंडार 15 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया. स्थिति बिगड़ी तब निर्यात पर रोक लगाई गई.
अब ख.बर है कि सरकार गेहूं आयात करने पर विचार कर रही है.” कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया, ”इस बीच देश में आटे समेत गेहूं से संबंधित उत्पादों के दाम 50 प्रतिशत तक बढ. गए. प्रधानमंत्री ग़रीब कल्याण योजना के तहत भी गेहूं की जगह चावल दिए जाने की ख.बरें आई हैं. एक बार फ.रि स्वघोषित विश्वगुरु के दिखावे की वजह से नुक.सान आम और ग़रीब लोगों का हुआ है.”
मणिपुर में हिंसा खत्म करने और समाधान के लिए प्रधानमंत्री बातचीत करें
कांग्रेस ने मणिपुर की स्थिति पर चिंता जताते हुए मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपनी ‘चुप्पी’ तोड़ते हुए बातचीत शुरू करनी चाहिए ताकि पूर्वोत्तर के इस राज्य में एक ऐसा समाधान निकल सके जो सभी पक्षों को स्वीकार्य हो. पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने यह सवाल किया कि केंद्र सरकार ने राज्य में शांति बहाली के लिए अब तक कोई प्रत्यक्ष कदम क्यों नहीं उठाया? मणिपुर के तेंगनौपाल जिले में सोमवार को उग्रवादियों के दो समूहों के बीच हुई गोलीबारी में कम से कम 13 लोग मारे गए. राज्य में सात महीने पहले शुरू हुए अशांति के दौर में 180 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.
खरगे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”मणिपुर में सात महीने तक हिंसा जारी रहना अक्षम्य है. कथित गोलीबारी में 13 और लोगों की मौत हो गई है. पिछले 215 दिनों में 60,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं. राहत शिविरों में आंतरिक रूप से विस्थापित लोग रह रहे हैं जहां स्थिति अमानवीय और संतुष्टि से दूर है.” उन्होंने सवाल किया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होने का जिम्मेदार कौन है? कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी पूछा, ”मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के पद पर बने रहने के लिए कौन जिम्मेदार है? केंद्र सरकार द्वारा गठित शांति समिति ने मणिपुर में शांति, सामान्य स्थिति और सद्भाव बहाल करने के लिए कोई प्रत्यक्ष कार्य क्यों नहीं किया है?” उन्होंने कहा, ”मणिपुर में कई राजनीतिक दलों के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी ने मांग की है और फिर से दोहराया है कि केवल माननीय प्रधानमंत्री के साथ विस्तृत चर्चा से ही संघर्ष का कोई ऐसा समाधान निकल सकता है जो सभी संबंधित पक्षों को स्वीकार्य हो. हमें पूरी उम्मीद है कि वह ऐसा करेंगे.”
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”अब 7 महीने हो चुके हैं. मणिपुर में हालात सामान्य से काफी दूर हैं. कल ही हिंसा का एक ताजा दौर शुरू होने की खबर आई जिसमें 13 लोगों की जान चली गई. इससे पहले, एक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक को लूट लिया गया था . लुटेरे 18 करोड़ रुपये लूट ले गए.” उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह का दावा है कि राज्य में शांति लौट आई है लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है. कांग्रेस महासचिव ने दावा किया, ” प्रधानमंत्री मणिपुर पर चुप्पी साधे रहने के साथ-साथ मणिपुर के नेताओं से मिलने या राज्य का दौरा करने से इनकार करते रहे हैं.”
चक्रवात से प्रभावित राज्यों को हर संभव सहायता दे केंद्र सरकार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह चक्रवात ‘ मिगजॉम ‘ के कारण प्रभावित होने वाले राज्यों की हर संभावता सहायता करे. खरगे और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे चक्रवात प्रभावित राज्यों में लोगों को मदद मुहैया कराएं.
खरगे ने सोशल मीडिया मंच ‘ एक्स ‘ पर पोस्ट किया , ” तमिलनाडु में चक्रवात का प्रभाव देखना दुखद है , जहां बहुमूल्य जानें चली गईं. चक्रवात के आंध्र प्रदेश , ओडिशा और पुडुचेरी में दस्तक देने की आशंका है और इसके प्रभाव से झारखंड में भारी बारिश हो सकती है. ” उन्होंने कहा , ” सभी राज्य सरकारों को जरूरत की इस घड़ी में केंद्र सरकार से हर संभव सहायता मिलनी चाहिए. किसी भी संकट को टालने के लिए हमें एक साथ रहना होगा. ” उन्होंने कहा , ” मैं कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अनुरोध करता हूं कि वे प्रभावित व्यक्ति को हर संभव सहायता प्रदान करें. लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है. ”
राहुल गांधी ने ‘ एक्स ‘ पर पोस्ट कर कहा , ” तमिलनाडु में चक्रवात से हुई तबाही और मौतों की खबर से व्यथित हूं. जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है उनके प्रति मेरी हार्दिक संवेदना. जैसे – जैसे चक्रवात आगे बढ. रहा है , मैं तमिलनाडु , आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से आग्रह करता हूं कि वे अपने अपने राज्यों की सरकारों के राहत और बचाव प्रयासों में हर संभव सहायता दें. ”