कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस के नेता अनुब्रत मंडल एक पुलिस अधिकारी के साथ फोन पर बातचीत के दौरान कथित तौर पर ‘अपमानजनक भाषा और गाली गलौज’ करने के मामले में रविवार को दूसरी बार पूछताछ के लिए पुलिस के समक्ष पेश नहीं हुए. सूत्रों ने यह जानकारी दी. सूत्रों के मुताबिक मंडल ने खराब सेहत का हवाला देते हुए पुलिस के समक्ष पेश होने में असमर्थता जतायी.
मंडल की ओर से उनका एक करीबी सहयोगी बोलपुर के अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) कार्यालय में पेश हुआ. मंडल के करीबी सहयोगी ने संवाददाताओं को बताया कि तृणमूल के बीरभूम जिले के पूर्व अध्यक्ष ”बहुत बीमार हैं और उन्हें आराम करने की सलाह दी गई है.” मंडल के करीबी सहयोगी गगन सरकार ने यह भी दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस नेता ने किसी को फोन नहीं किया और एक पुलिस अधिकारी के साथ फोन पर बातचीत के दौरान उनकी आवाज कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग करके गढ़ी गई थी.
सरकार ने दावा किया, ”मंडल अस्वस्थ हैं और उन्हें आराम करने की सलाह दी गई है. मंडल ने किसी को फोन नहीं किया था और जो आवाज सुनी गई थी, वह एआई का उपयोग करके गढ़ी गई थी.” तृणमूल नेता मंडल को ”अपमानजनक भाषा और गाली गलौज” मामले में पूछताछ के लिए रविवार को पूर्वाह्न 11 बजे एसडीपीओ कार्यालय में पुलिस के समक्ष पेश होने को कहा गया था.
बाद में, मंडल के वकील एसडीपीओ कार्यालय में पेश हुए और दावा किया कि उनके नेता मंडल को फंसाया गया है और पूरा प्रकरण एक वृहद साजिश का हिस्सा है.
तृणमूल ने बोलपुर पुलिस थाना में तैनात एक पुलिस अधिकारी के साथ फोन पर बातचीत के दौरान मंडल द्वारा कथित रूप से इस्तेमाल की गई ”अपमानजनक भाषा और गाली गलौज” की शुक्रवार को निंदा की. पार्टी के बयान के करीब एक घंटे बाद मंडल ने लिखित माफी मांगते हुए कहा कि वह कभी ”किसी पुलिस कर्मी का अपमान करने की कल्पना नहीं कर सकते, चाहे वह एक साधारण कांस्टेबल हो या कोई वरिष्ठ अधिकारी.” यह पूरा प्रकरण शुक्रवार को एक ऑडियो क्लिप के सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद प्रकाश में आया.
पीटीआई ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका. मंडल के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई और बाद में टीएमसी कार्यालय में उनके लिए नोटिस जारी किया गया. इससे पहले पुलिस ने मंडल को पूछताछ के लिए शनिवार सुबह जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने को कहा था.