नयी दिल्ली/पटना. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की उस दलील को बृहस्पतिवार को खारिज कर दिया कि उन्होंने चूकवश राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए ‘‘राष्ट्रपत्नी’’ शब्द का इस्तेमाल किया था. भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता ने जानबूझकर यह टिप्पणी की थी और इसके लिए पार्टी और अध्यक्ष सोनिया गांधी को माफी मांगनी चाहिए.
केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि चौधरी का स्पष्टीकरण ‘‘और भी आपत्तिजनक’’ है क्योंकि उन्होंने अपनी गलती को छोटी बताया है. उन्होंने कहा, ‘‘अधीर रंजन चौधरी इसे छोटी बात बता रहे थे. इस तरह की हल्की टिप्पणी करके राष्ट्रपति की गरिमा को उन्होंने जो चोट पहुंचाई है, उसके लिए न सिर्फ अधीर रंजन चौधरी बल्कि पूरी कांग्रेस पार्टी और उनकी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए.’’
चौधरी की टिप्पणी को लेकर विवाद बढ़ने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर हमले के लिए तीन केंद्रीय मंत्री सहित अपने छह आदिवासी नेताओं को मैदान में उतारा. इससे पहले, संसद भवन परिसर में भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित भाजपा की महिला नेताओं ने कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया.
इन नेताओं ने लोकसभा में सोनिया गांधी और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के बीच हुई नोकझोंक को लेकर भी कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाने साधे. रीजीजू के अलावा संवाददाता सम्मेलन में मौजूद केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल और भारती पवार ने कहा कि चौधरी ने ना सिर्फ एक महिला बल्कि आदिवासी समुदाय का भी अपमान किया है, इसलिए अपनी पार्टी की तरफ से सोनिया गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए.
रीजीजू से जब यह पूछा गया कि चौधरी ने कहा कि वह राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात कर माफी मांगेंगे तो अरुणाचल प्रदेश के आदिवासी समुदाय से आने वाले केंद्रीय मंत्री ने पलटवार करते हुए कहा, ‘‘आप पहले उनका अपमान करो और स्पष्टीकरण देने के लिए उनसे मिलने जाओ. राष्ट्रपति का पद ऐसा नहीं कि आप इसे बाजार से खरीद लें. यह देश का सर्वोच्च पद है. वह देश की प्रथम नागरिक हैं. वह हल्की टिप्पणी कर रहे हैं जो और भी आपत्तिजनक है.’’ केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा कि ंिहदी में राष्ट्रपति को क्या कहकर संबोधित किया जाएगा, इस बारे में संविधान सभा में जो तय हो चुका है, उस पर बहस नहीं होनी चाहिए.
उन्होंने कहा, ‘‘चौधरी ने भारत के सबसे ऊंचे और सबसे पवित्र राष्ट्रपति पद को लेकर जो टिप्पणी की है, उससे बतौर आदिवासी हम बहुत आहत हैं.’’ उन्होंने कहा कि संविधान में सार्वजनिक पदों को लैंगिक भेदभाव से परे रखा गया है और सभापति या कुलपति पद पर बैठा कोई भी व्यक्ति हो, उसे सभापति और कुलपति ही कहकर संबोधित किया जाता है.
सोनोवाल ने आरोप लगाया कि चौधरी ने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान किया और आदिवासियों का अनादर किया है और वास्तव में उन्होंने पूरे देश का अपमान किया है. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश को एकसाथ लेकर चल रहे हैं तो कांग्रेस देश की एकता के खिलाफ काम कर रही है. भारती पवार ने भी कांग्रेस नेता चौधरी पर हमले किए और कांग्रेस से सवाल किया कि क्या देश में आदिवासियों को कोई अधिकार नहीं है.
उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह से अपमान करने वालों से हम कहना चाहते हैं कि राष्ट्रपति पद की गरिमा का ध्यान रखो. इस कृत्य के लिए सोनिया गांधी को ही माफी मांगनी चाहिए.’’ इससे पहले, चौधरी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बारे में की गई अपनी एक टिप्पणी पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि उनसे गलती हो गयी क्योंकि वह ंिहदी भाषा बहुत अच्छी तरह नहीं जानते. चौधरी ने यह भी कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है और उनसे मिलकर माफी मांगेगे.
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह ‘पाखंडियों’ से माफी मांगने वाले नहीं हैं. इस बीच, भाजपा की दिल्ली इकाई ने यहां प्रदर्शन किया. प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस की मानसकिता इतने निम्न स्तर पर पहुंच गई है कि इसके नेता गरीब की बेटी को देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर नहीं देखना चाहते हैं.
कांग्रेस नेहरू-गांधी परिवार को कानून से ऊपर मानती है: तेजस्वी सूर्या
भाजपा नेता तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस पर एक ‘‘वंशवादी’’ पार्टी होने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि वह नेहरू-गांधी परिवार ‘‘कानून से ऊपर’’ मानती है. भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूर्या सप्ताहांत में भाजपा के सात ‘‘मोर्चों’’ के दो दिवसीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए बिहार की राजधानी पटना पहुंचने पर पत्रकारों से बात कर रहे थे.
सोनिया गांधी और राहुल गांधी को बार-बार सम्मन जारी करने पर प्रतिशोध की राजनीति के आरोप लगाए जाने के बारे में पूछे जाने पर सूर्या ने कहा, ‘‘सड़कों और रेलवे पटरियों पर कांग्रेस द्वारा किया जा रहा ‘‘‘तमाशा’’ उसके ‘‘डीएनए’’ को उजागर करता है. वह मानती है कि नेहरू-गांधी परिवार देश के कानून से ऊपर है.’’
लालू प्रसाद के करीबी भोला यादव की गिरफ्तारी के बाद बिहार में विपक्षी राजद द्वारा इसी तरह के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर भाजपा नेता ने कहा, ‘‘सभी वंशवादी दलों में कानून के प्रति सम्मान की कमी पायी जाती है.’’ गुजरात के 2002 के दंगों के मामलों में उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए क्लीन चिट दिए जाने का जिक्र करते हुए सूर्या ने कहा, ‘‘हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इन पार्टियों के विपरीत दो दशकों तक अपनी कानूनी लड़ाई लड़ते हुए बरी होने तक धैर्य का प्रदर्शन किया.’’
बेंगलुरु के युवा सांसद से बिहार में इस्लामिक चरमपंथी संगठन पीएफआई, जिसका मुख्यालय कर्नाटक में है, के नेटवर्क का भंडाफोड़ करने के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘हमारी सरकारें बिहार या कर्नाटक में हों कट्टरपंथ और अलगाववाद को बढ़ावा देने वाले संगठनों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाती है.’’ हालांकि जब उनसे पूछा गया कि क्या वह संसद में पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाएंगे तो उन्होंने सीधा जवाब देने से परहेज करते हुए कहा, ‘‘हम ऐसे सभी संगठनों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की नीत पर यकीन रखते हैं और इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के पक्ष में हैं.’’ भाषा अनवर