
इंदौर/जम्मू/देहरादून/भुवनेश्वर/नयी दिल्ली/लखनऊ/रांची. कांग्रेस ने संविधान निर्माता डॉ. बीआर आंबेडकर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की विवादास्पद टिप्पणी को लेकर उनके इस्तीफे की मांग सोमवार को दोहराई. प्रमुख विपक्षी दल ने सवाल किया कि केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) और जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) आंबेडकर के कथित अपमान पर चुप क्यों हैं? कांग्रेस प्रवक्ता और सोशल मीडिया विभाग की अध्यक्ष सुप्रिया श्रीनेत ने इंदौर प्रेस क्लब में संवाददाताओं से कहा, ”शाह ने आंबेडकर के अपमान का अक्षम्य अपराध किया है. उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए और गृह मंत्री के पद से इस्तीफा देना चाहिए.” श्रीनेत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ‘संविधान विरोधी’ बताते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल का पूरा तंत्र आंबेडकर पर शाह की ‘घटिया टिप्पणी’ के बचाव में उतर आया है.
उन्होंने कहा कि आंबेडकर पर शाह की विवादास्पद टिप्पणी के मामले में भाजपा के बड़े नेताओं के साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौन धारण कर रखा है. कांग्रेस प्रवक्ता ने सवाल किया कि राजग में शामिल तेदेपा और जदयू इस मामले में चुप क्यों हैं? उन्होंने कहा, ”अगर ये दल सामाजिक न्याय की बात करते हैं, तो वे आंबेडकर के अपमान पर चुप कैसे रह सकते हैं?” श्रीनेत ने राजग सरकार पर पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमले के मुद्दे को संबोधित करने में कूटनीतिक रूप से विफल होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा इस मुद्दे पर भारत में राजनीति भर करना चाहती है.
कांग्रेस ने अमित शाह के इस्तीफे की मांग को लेकर जम्मू में ‘आंबेडकर सम्मान मार्च’ की घोषणा की
कांग्रेस की जम्मू कश्मीर इकाई ने संसद में भीमराव आंबेडकर पर की गई टिप्पणी को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे और सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने की अपनी मांग सोमवार को दोहरायी. कांग्रेस पार्टी ने मांगों को लेकर दबाव बनाने के लिए मंगलवार को जम्मू में “आंबेडकर सम्मान मार्च” की घोषणा भी की.
कांग्रेस की जम्मू कश्मीर इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष रमन भल्ला ने संवाददाताओं से कहा, ”हम संसद में आंबेडकर पर की गई टिप्पणी के लिए शाह से सार्वजनिक रूप से माफी के साथ ही उनके इस्तीफे की मांग करते हैं. हम इसके लिए लड़ाई जारी रखेंगे.” उन्होंने कहा कि यह मार्च गृहमंत्री से जवाबदेही की मांग के लिए देशव्यापी विरोध का हिस्सा है.
उत्तराखंड कांग्रेस आंबेडकर शाह कांग्रेस ने शाह को केंद्रीय मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की
कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल ने संसद में डॉ. बीआर आंबेडकर के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर गृह मंत्री अमित शाह को केंद्रीय मंत्रिमंडल से निष्कासित करने की सोमवार को मांग की. सप्पल ने संविधान निर्माता के खिलाफ टिप्पणी के लिए माफी न मांगने को लेकर शाह की आलोचना की.
उन्होंने देहरादून में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “शाह के संसद में बाबा साहेब का अपमान करने से देश सकते में है. इसके बावजूद उन्होंने माफी नहीं मांगी है. यही नहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित भाजपा के शीर्ष नेता उनका बचाव कर रहे हैं.” सप्पल ने कहा, “यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा की असली मानसिकता को उजागर करता है. वे हमेशा से ही संविधान और उसके निर्माताओं के खिलाफ रहे हैं.”
शाह की आंबेडकर पर टिप्पणी को लेकर मंगलवार को पूरे ओडिशा में प्रदर्शन करेगी कांग्रेस
कांग्रेस मंगलवार को ओडिशा के सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन करेगी और राज्यसभा में एक चर्चा के दौरान बी आर आंबेडकर पर की गई टिप्पणी के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग करेगी. कोरापुट के सांसद सप्तगिरि शंकर उलाका ने यहां कांग्रेस भवन में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह की टिप्पणी को ”दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों का अपमान” करार दिया.
उलाका ने कहा, ”आंबेडकर दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के लिए एक भगवान की तरह हैं. आंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे नेताओं के बिना मेरे जैसा आदिवासी व्यक्ति संसद में कोरापुट का प्रतिनिधित्व नहीं कर पाता.” संसद परिसर में भाजपा के दो सांसदों पर कथित शारीरिक हमले पर टिप्पणी करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा, ”जब हमारे सांसद संसद में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, तो भाजपा पार्टी के सांसदों ने मल्लिकार्जुन खरगे को धक्का दिया और प्रियंका गांधी पर हमला करने की कोशिश की. उन्होंने इसके लिए राहुल गांधी के खिलाफ 26 प्राथमिकी दर्ज करायीं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है.”
वामपंथी दलों ने आंबेडकर से जुड़ी टिप्पणी पर शाह के इस्तीफे की मांग की
वामपंथी नेताओं ने सोमवार को पिछले सप्ताह संसद में भीमराव आंबेडकर पर टिप्पणी करने को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग की. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भाकपा (माले) लिबरेशन, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (एआईएफबी) की बैठक के बाद जारी एक बयान में वामपंथी नेताओं ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का भी विरोध किया और कहा कि वे इसके खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाएंगे.
बैठक में माकपा पोलित ब्यूरो के समन्वयक प्रकाश करात, भाकपा महासचिव डी. राजा, भाकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, आरएसपी महासचिव मनोज भट्टाचार्य और एआईएफबी महासचिव जी. देवराजन शामिल हुए. पार्टियों ने राजनीतिक और जन मुद्दों पर वामपंथी हस्तक्षेप बढ़ाने का भी निर्णय लिया. रविवार को हुई बैठक के दौरान वामपंथी नेताओं ने कहा कि राज्यसभा में आंबेडकर पर शाह की टिप्पणी को लेकर देश भर में व्यापक गुस्सा है और विरोध प्रदर्शन हो रहा है.
पार्टियों ने कहा, “हालांकि, न तो अमित शाह और न ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिम्मेदारी लेने और सुधारात्मक कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं.” उन्होंने कहा, “इसलिए वामपंथी दलों ने चल रहे विरोध प्रदर्शन को जारी रखने का फैसला किया है और 30 दिसंबर को संयुक्त रूप से विरोध दिवस आयोजित करने का फैसला किया है. राष्ट्रव्यापी विरोध दिवस पर गृह मंत्री के रूप में अमित शाह के इस्तीफे की मांग की जाएगी.”
गांवों में चौपाल लगाकर भाजपा की दलित विरोधी सोच उजागर करेंगे : कांग्रेस
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने राज्यसभा में डॉ. बीआर आंबेडकर के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी मंगलवार को उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में बाबा साहेब आंबेडकर सम्मान मार्च निकालेगी. उन्होंने बताया कि कांग्रेस गांवों में चौपाल के जरिये भाजपा की दलित विरोधी सोच भी उजागर करेगी.
लखनऊ में सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर राज्यसभा में पार्टी के उप नेता प्रमोद तिवारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और पार्टी सांसद किशोरी लाल शर्मा एवं राकेश राठौर ने संयुक्त रूप से एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया. खुर्शीद ने कहा कि भाजपा नेताओं का आंबेडकर का अपमान करना उनकी संविधान विरोधी सोच को उजागर करता है, जिसकी कांग्रेस पार्टी घोर निंदा करती है.
उन्होंने कहा, “हम कांग्रेसी भाजपा नेताओं की संविधान विरोधी सोच और दलितों के प्रति उनके अनादर के भाव को आम जनमनास के बीच उजागर करेंगे. इसके लिए हम अपनी भावी योजना को कर्नाटक के बेलगाम में होने वाली बैठक में अंतिम रूप देंगे.” खुर्शीद ने कहा कि आंबेडकर द्वारा किए गए महान कार्यों के लिए देश हमेशा उनका कृतज्ञ रहेगा.
शाह की आंबेडकर पर टिप्पणी: कांग्रेस मंगलवार को झारखंड में विरोध प्रदर्शन करेगी
कांग्रेस की झारखंड इकाई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की संविधान निर्माता बाबा साहेब आंबेडकर की पर गई कथित विवादित टिप्पणी के विरोध में 24 दिसंबर को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में ‘बाबासाहेब आंबेडकर सम्मान मार्च’ का आयोजन करेगी. पार्टी के एक नेता ने सोमवार को यह जानकारी दी.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव ने यहां मीडियार्किमयों से कहा, ”भाजपा संविधान और इसके मुख्य निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर का अपमान करती रही है. शाह की टिप्पणी से आंबेडकर की मानहानि हुई है. हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे.” उन्होंने कहा कि पार्टी मंगलवार को रांची स्थित कांग्रेस मुख्यालय से मार्च निकालेगी. उन्होंने कहा, ”पार्टी शाह के इस्तीफे की मांग को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित ज्ञापन उपायुक्त को सौंपेगी.”
आंबेडकर पर शाह की टिप्पणी के खिलाफ तृणमूल ने कोलकाता सहित कई जिलों में प्रदर्शन किया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बी.आर.आंबेडकर पर हाल में की गई टिप्पणियों के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस ने कोलकाता और राज्य के अन्य जिलों में सोमवार को रैलियां निकालीं और उनके बयान की निंदा की. पश्चिम बंगाल के सत्तारूढ़ दल ने अपराह्न दो से तीन बजे के बीच ब्लाक और वार्ड स्तर पर यह रैलियां निकलीं और कई मंत्री एंव पार्टी के नेता इसमें शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने हाथ में झंडे और पोस्टर ले रखे थे. उन्होंने गृह मंत्री के खिलाफ नारे लगाए. बनर्जी ने शाह के बयान को अपमानजनक करार देते हुए दावा कि यह उन लाखों लोगों का अपमान करना है, जो आंबेडकर को अपना मार्गदर्शक और प्रेरणा मानते हैं. इसके साथ, उन्होंने लोगों से इसके खिलाफ प्रदर्शन करने का भी आ”ान किया.



