सिख विरोधी दंगा: कमलनाथ से जुड़े विवाद के बाद ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का पड़ाव स्थल बदला गया

इंदौर. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की अगुवाई वाली ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का पड़ाव अब इंदौर के खालसा स्टेडियम के बजाय चिमनबाग मैदान में होगा. इस स्टेडियम में सिखों के धार्मिक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के स्वागत-सत्कार से जुड़े पखवाड़े भर पुराने विवाद के तूल पकड़ने के बाद प्रस्तावित पड़ाव स्थल में बदलाव किया गया है.

शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने इस विवाद पर कोई टिप्पणी किए बगैर मंगलवार को संवाददाताओं को बताया, ‘‘प्रशासन ने भारत जोड़ो यात्रा में शामिल लोगों को चिमनबाग मैदान पर ठहराने की अनुमति दी है. हम इसके मुताबिक तैयारियां कर रहे हैं.’’ पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा ने बताया कि कांग्रेस के आवेदन पर गांधी और उनकी अगुवाई वाली यात्रा में शामिल अन्य लोगों को 27 और 28 नवंबर को चिमनबाग मैदान पर ठहराने की मंजूरी दी गई है.

गौरतलब है कि कांग्रेस की शुरुआती योजना के मुताबिक गांधी और इस यात्रा में शामिल अन्य लोगों को इंदौर के खालसा स्टेडियम में ठहराया जाना था. लेकिन आठ नवंबर को गुरु नानक जयंती के धार्मिक कार्यक्रम के दौरान सामने आए विवाद से यह योजना परवान नहीं चढ़ सकी.

स्टेडियम में इस कार्यक्रम के दौरान कमलनाथ के स्वागत-सम्मान के बाद मशहूर कीर्तन गायक मनप्रीत सिंह कानपुरी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों की ंिहसा की ओर स्पष्ट इशारा किया था और आयोजकों पर तीखे शब्दों में मंच से नाराजगी जताई थी. विवाद के बाद भाजपा के स्थानीय नेताओं ने घोषणा की थी कि अगर गांधी की अगुवाई वाली ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने इस स्टेडियम में कदम रखा, तो भाजपा कार्यकर्ता काले झंडे दिखाकर उनका विरोध करेंगे.

उल्लेखनीय है कि 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़के सिख विरोधी दंगों में कमलनाथ की भूमिका को लेकर भाजपा नेताओं द्वारा अक्सर आरोप लगाया जाता है, लेकिन कमलनाथ और कांग्रेस के अन्य आला नेताओं द्वारा इसे सिरे से खारिज किया जाता रहा है.

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