कोलकाता. पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के एक बाजार में कथित रूप से दो महिलाओं पर हमला करने और उन्हें निर्वस्त्र करने के मामले में पुलिस ने प्रदेश विधानसभा और मालदा पुलिस अधीक्षक के कार्यालय के समक्ष धरना दिया तथा प्रदर्शन किया. मालदा जिले के पुलिस अधीक्षक को हटाये जाने की मांग करते हुये भारतीय जनता पार्टी के विधायक विधानसभा के सामने धरने पर बैठ गये.
इस सप्ताह के शुरू में बामनगोला थाना क्षेत्र के पाकुआ हाट में हुई इस घटना पर एसपी को हटाने की मांग करते हुए मनोज तिग्गा और शंकर घोष सहित पांच भाजपा विधायकों ने तख्तियां ले रखी थीं और उन्होंने नारेबाजी की. मालदा उत्तर निर्वाचन क्षेत्र के भाजपा सांसद खगेन मुर्मू भी मालदा शहर में पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठे. शनिवार दोपहर से शुरू हुआ भाजपा कार्यकर्ताओं का धरना-प्रदर्शन रविवार को भी जारी रहा.
उन्होंने कहा, ”महिलाओं पर हमला करने और उन्हें निर्वस्त्र करने के जघन्य कृत्य में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए.” उन्होंने कहा, ”पुलिस ने हमारे प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज भी किया है.” पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है और घटना के सिलसिले में पांच लोगों को हिरासत में लिया है. इस घटना का एक कथित वीडियो शनिवार को भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किया गया . इस वीडियो में भीड़ महिलाओं को बेरहमी से पीट रही है.
मालवीय ने ट्वीट कर दावा किया कि दो महिलाओं को ”निर्वस्त्र किया गया, प्रताड़ित किया गया और बेरहमी से पीटा गया, जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी रही .” आरोपों को खारिज करते हुए, महिला एवं बाल स्वास्थ्य मंत्री शशि पांजा ने संवाददाताओं से कहा कि वे दोनों उन अन्य महिलाओं के साथ हाथापाई कर रही थी, जिन्होंने उन पर चोरी का आरोप लगाया था और मौके पर मौजूद महिला नागरिक पुलिस स्वयंसेवकों ने उन्हें रोकने की कोशिश की थी.
उन्होंने भाजपा पर सब्जियों की बिक्री को लेकर स्थानीय महिलाओं के बीच झगड़े और चोरी के आरोपों को ”प्रचारित” करके ”ध्यान भटकाने वाली रणनीति” अपनाने का आरोप लगाया. मंत्री ने कहा, ”हाथापाई का कोई राजनीतिक या जातिगत मुद्दा नहीं है…भाजपा इसे अनावश्यक रूप से राजनीतिक मुद्दा बना रही है.”