भारत जोड़ो यात्रा राष्ट्रीय राजनीति के लिए क्रांतिकारी क्षण :जयराम रमेश

बुलढाना. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने रविवार को कहा कि भारत जोड़ो यात्रा राष्ट्रीय राजनीति और पार्टी के लिए एक ‘‘क्रांतिकारी क्षण’’ है तथा इसे चुनावी सफलता में तब्दील करने में कुछ समय लगेगा. महाराष्ट्र में पदयात्रा के अंतिम दिन संवाददाताओं को संबोधित करते हुए रमेश ने दावा किया कि लोग एक विकल्प की तलाश कर रहे हैं तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से निजात पाना चाहते हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस एकमात्र विचारधारा है, जो भाजपा और आरएसएस का विकल्प प्रस्तुत करती है. भारत जोड़ो यात्रा राष्ट्रीय राजनीति के लिए एक क्रांतिकारी क्षण है, एक कार्यक्रम नहीं.’’ रमेश ने कहा कि यात्रा की सफलता को चुनावी सफलता में तब्दील करने में कुछ वक्त लगेगा. उन्होंने कहा कि यात्रा महाराष्ट्र में 21 और 22 नवंबर को रुकी रहेगी और 23 नवंबर को मध्य प्रदेश की ओर बढ़ेगी.

पार्टी ने इससे पहले कहा था कि यात्रा रविवार को मध्य प्रदेश की ओर बढ़ेगी और बुरहानपुर में रात्रि विश्राम करेगी. कांग्रेस के पहले के कार्यक्रम के मुताबिक, यात्रा को सोमवार को विश्राम दिया जाएगा. चुनाव प्रचार के लिए राहुल गांधी के सोमवार को गुजरात का दौरा करने का कार्यक्रम है.

रमेश ने यात्रा के लिए अत्यधिक अच्छी व्यवस्था करने को लेकर कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के नेतृत्व का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा कि पार्टी की प्रदेश इकाई यात्रा की सफलता के जरिये 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव में सफल होने के लिए राज्य के सभी छह राजस्व संभागों में छह रैलियां आयोजित करेगी. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र कांग्रेस का गढ़ रहा है और यात्रा की सफलता पार्टी के चुनाव चिह्न ‘हाथ’ का राज्य में हर जगह नजर आना सुनिश्चित करेगी.

रमेश ने कहा कि महिलाएं, युवक और किसान यात्रा के मुख्य भागीदार हैं. उन्होंने कहा, ‘‘दलित और ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) संगठनों के साथ अपनी बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि जाति आधारित जनगणना की तत्काल जरूरत है. ’’ उन्होंने दावा किया कि यात्रा ने एक प्रेरक संदेश दिया है और एक ‘नयी कांग्रेस’ उभर रही है. उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी के आलोचकों की आवाज अब शांत हो गई है.’’ उन्होंने कहा कि संगठन में भविष्य में बदलाव यात्रा के अनुभवों के आधार पर किये जाएंगे.

रमेश ने कहा कि यात्रा के दौरान आर्थिक विषमता, ध्रुवीकरण और राजनीतिक तानाशाही जैसे मुद्दों को उजागर किया गया. यात्रा के लिए महाराष्ट्र समन्वयक बालासाहेब थोराट ने कहा कि यात्रा के तहत राज्य में 380 किमी से अधिक की दूरी तय की गई है. उन्होंने कहा, ‘‘पदयात्रा के दौरान, लोगों के साथ राहुल गांधी की बातचीत स्मरणीय है.’’

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