विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में होर्मुज जलडमरूमध्य, लाल सागर और काला सागर में व्यापारिक जहाजों और नाविकों पर कई हमले हुए हैं। ऐसी हिंसा और जानमाल के नुकसान का कोई औचित्य नहीं है। सीधे शब्दों में कहें तो ये हमले बंद होने चाहिए।
भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत दुनिया में नाविकों का एक बड़ा स्रोत देश है, जबकि लाइबेरिया दुनिया की सबसे बड़ी शिपिंग रजिस्ट्री की मेजबानी करता है। दोनों देशों ने जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के मुद्दे पर अन्य देशों और बड़े जहाज मालिकों को साथ लाने की पहल की है। यह पहल समुद्री परिवहन और उस पर काम करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर है।
ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविक की मौत
एस जयशंकर ने कहा कि दो दिन पहले एंटीगुआ और बारबुडा के झंडे वाले बल्क कैरियर एमवी केप दाओ पर ओमान की खाड़ी में हमला हुआ। इस घटना में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई। इससे करीब दस दिन पहले पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर एल गैया को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय निशाना बनाया गया था। इस घटना के बाद एक भारतीय क्रू सदस्य लापता हो गयाण्सं
संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर ने उल्टा सवाल पूछने पर पाकिस्तानी पत्रकार की क्लास लगा दी। एक पाकिस्तानी पत्रकार ने बड़े ही नाटकीय अंदाज में दक्षिण एशिया में फैले आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान की विदेश नीति वाला सवाल पूछना शुरू कर दिया। उसने पूछा कि ‘क्या आप बता सकते हैं कि आपकी सरकार कब पाकिस्तान में आतंक फैलाना बंद करेगी। आपकी सरकार क्यों बड़े लीडर्स को मारना चाहती है? बता सकते हैं कि आपकी सरकार कब पाकिस्तान में आतंक फैलाना बंद करेगी?’
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने चिरपरिचित अंदाज में मुस्कराते हुए जवाब दिया। उन्होंने कहा, “एक आतंकी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है?” इसके बाद वह अपना सेशन पूरा करके आगे बढ़ गए।