छत्तीसगढ़ की मदिरा दुकानों में बायो-मेट्रिक्स उपस्थिति प्रणाली का हुआ शुभारंभ

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 14 Aug 2024 09:29 PM
छत्तीसगढ़ की मदिरा दुकानों में बायो-मेट्रिक्स उपस्थिति प्रणाली का हुआ शुभारंभ

ऑडियो सुनें

रायपुर. सचिव सह आबकारी आयुक्त आर.संगीता ने मंत्रालय महानदी भवन में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (NIC) के स्टूडियों से प्रदेश की मदिरा दुकानों में बायो मेट्रिक्स उपस्थिति प्रणाली का शुभारंभ किया. बायो-मेट्रिक्स प्रणाली के माध्यम से मदिरा दुकानों में कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा.

वर्चुवली माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य के समस्त 33 जिलों के अधिकारी एवं मदिरा दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को मंत्रालय के एन.आई.सी. स्टूडियों से कनेक्ट किया गया. सचिव, आबकारी द्वारा कार्यक्रम के दौरान जिला बिलासपुर, रायपुर, मुंगेली, कोण्डागांव, रायगढ़, सारगंढ़-बिलाईगढ़, कबीरधाम, नारायणपुर के आबकारी अधिकारियों एवं चयनित दुकानों में पदस्थ कर्मचारियों से आधार सक्षम बायो मेट्रिक्स उपस्थिति प्रणाली के संबंध में चर्चा की गई.

मंत्रालय से कनेक्टेड समस्त जिलों के मदिरा दुकानों के कर्मचारियों द्वारा अपनी उपस्थिति नवीन स्थापित प्रणाली के माध्यम से दी गई. रायगढ़ जिले में इस प्रणाली को स्थापित करने के लिए जिले के विभागीय अधिकारियों की सराहना की गई. बायो मेट्रिक्स के माध्यम से उपस्थिति लिए जाने से एक ओर मदिरा दुकानों की अनियमितता पर नियंत्रण किया जा सकेगा, साथ ही कार्यरत कर्मचारियों का हित भी होगा. जिस व्यक्ति की नियुक्ति जिस मदिरा दुकान हेतु की गई है, वह उसी दुकान पर कार्य कर सकेगा. उपस्थिति के समय का पालन किया जा सकेगा.

नियुक्त व्यक्ति की मदिरा दुकान में उपलब्धता सुनिश्चित होगी तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर जिम्मेदारी तय कर कार्यवाही की जा सकेगी. प्रत्येक कर्मचारी की उपरोक्त प्रक्रिया से उपस्थिति ली जाने से उसके संबंध में प्रतिदिन की जानकारी ऑनलाईन उपलब्ध होगी जिससे वेतन तैयार किए जाने, ओवरटाईम के समय का निर्धारण, अवकाश दिवसों की गणना इत्यादि का कार्य त्वरित रूप से किया जा सकेगा. इसी अनुक्रम में ई.पी.एफ., ई.एस.आई.सी. की राशि की भी गणना किए जाने में आसानी होगी. इस प्रकार की गणना से वेतन हेतु लगने वाले समय में कमी होगी तथा कर्मचारियों का निर्धारित समय पर प्राप्त होने वाली सम्पूर्ण राशि का भुगतान संभव हो सकेगा.

By Yogesh Kumar Sahu