मुंबई. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के 53 में से 32 विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच मौजूद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने बुधवार को अपने 83 वर्षीय चाचा शरद पवार को याद दिलाया कि यह उनके ‘सेवानिवृत्त’ होने का समय है. शक्ति प्रदर्शन करने के लिए उपनगर बांद्रा में आयोजित बैठक में अजित पवार ने कहा, ”भाजपा में, नेता 75 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त हो जाते हैं, आप कब होने जा रहे हैं.”
अजित (63) ने कहा, ”हर किसी की अपनी पारी होती है. सबसे सार्थक समय 25 से 75 वर्ष की आयु तक होता है.” उन्होंने शरद पवार पर 2004 में राकांपा का मुख्यमंत्री बनाने का मौका गंवाने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ”2004 में हमारे पास कांग्रेस से ज्यादा विधायक थे, लेकिन हमारे वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस को मुख्यमंत्री पद लेने दिया.”
उन्होंने कहा, ” हमारे लिए साहेब (शरद पवार) देवता तुल्य हैं और हमारे मन में उनके लिए काफी सम्मान है.” अजित ने कहा, ” आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा के) अधिकारी 60 वर्ष की आयु में सेवानिवृत होते हैं. यहां तक कि राजनीति में भी, भाजपा नेताओं की सेवानिवृति की उम्र 75 वर्ष है. आपने लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी का उदाहरण देखा है.”
अजित पवार ने कहा, ”आप 83 वर्ष के हैं, क्या आप रूकने नहीं जा रहे हैं?अपना आशीर्वाद दीजिए और हम आपकी लंबी आयु के लिए प्रार्थना करेंगे.” उन्होंने यह भी कहा कि जन कल्याण के लिए अपनी कुछ योजनाएं लागू करने के लिए वह महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं. महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़े नाटकीय घटनाक्रम के तहत बीते रविवार को अजित पवार सहित राकांपा के नौ नेता एकनाथ शिंदे नीत राज्य सरकार में शामिल हो गए. साथ ही, अजित ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली.
संख्या के खेल में अजित पवार को बढ़त, 53 में से 35 विधायक बैठक में शामिल: राकांपा सूत्र
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार द्वारा बुधवार को मुंबई में बुलाई गई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की बैठक में पार्टी के 53 में से कम से कम 35 विधायक शामिल हुए. पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी. सूत्रों ने दावा किया कि यह संख्या और बढ़ेगी. उन्होंने बताया कि राकांपा के आठ विधान पार्षद में से भी पांच नेता उपनगर बांद्रा में हो रही बैठक में भाग ले रहे हैं.
महाराष्ट्र विधानमंडल के पूर्व प्रधान सचिव अनंत कलसे ने कहा कि अजित पवार को अयोग्यता से बचने के लिए कम से कम 36 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है. राकांपा के प्रमुख शरद पवार और महाराष्ट्र का उपमुख्यमंत्री बनने के लिए उनसे बगावत करने वाले उनके भतीजे अजित पवार द्वारा शक्ति प्रदर्शन के लिए बुलाई गई अलग अलग बैठकों से कुछ घंटे पहले दोनों नेताओं के समर्थकों की भीड़ बुधवार को दक्षिण मुंबई स्थित उनके आवासों के बाहर एकत्र हो गई.
राकांपा का शरद पवार धड़ा दक्षिण मुंबई के यशवंतराव चव्हाण केंद्र में और पार्टी का ही अजित पवार धड़ा उपनगरीय बांद्रा के भुजबल नॉलेज सिटी में बुधवार को अपनी-अपनी बैठक कर रहा है. शरद पवार के दक्षिण मुंबई स्थित आवास ‘सिल्वर ओक’ के बाहर एकत्र उनके समर्थकों की भीड़ में एक पार्टी कार्यकर्ता को पोस्टर थामे देखा गया, जिस पर लिखा था- ’83 वर्षीय योद्धा अकेले लड़ाई लड़ रहा है’.
अजित पवार के बांद्रा में बैठक के लिए रवाना होने से पहले उनके समर्थक भी दक्षिण मुंबई में देवगिरी स्थित उनके आवास के बाहर एकत्र हुए . अजित पवार के आवास के बाहर राकांपा के एक कार्यकर्ता ने कहा, ”हम दादा (अजित पवार) के कट्टर समर्थक हैं. हम बारामती से आए हैं.” विधायक अनिल पाटिल ने दावा किया कि पार्टी के 53 में से 40 विधायक अजित पवार के समर्थन में हैं. अजित पवार, छगन भुजबल, दिलीप वाल्से पाटिल और हसन मुशरिफ सहित नौ विधायकों की बगावत के चलते रविवार को पार्टी के टूटने के बाद यह दोनों गुटों के सभी पदाधिकारियों की पहली बैठक है. दोनों गुटों ने दावा किया है कि उन्हें ज्यादातर विधायकों का समर्थन हासिल है.